नई दिल्ली: भारतीय खेल जगत के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। असम के रहने वाले 43 वर्षीय खिलाड़ी पुतुल सोनोवाल ने वर्ल्ड बाउल्स चैंपियन ऑफ चैंपियंस प्रतियोगिता में इतिहास रच दिया है। उन्होंने पुरुष एकल वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत का पहला पदक पक्का कर दिया है।
ऑस्ट्रेलिया के बारहम में आयोजित इस प्रतियोगिता में सोनवाल ने शानदार खेल दिखाया। उन्होंने सिंगापुर के हैरिमन यूएन को हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई। उनकी इस उपलब्धि से भारतीय खेल जगत को एक नई पहचान मिली है।
सेमीफाइनल में पहुंचकर रचा इतिहास
पुतुल सोनवाल का सेमीफाइनल तक पहुंचना इसलिए खास है, क्योंकि भारत ने इससे पहले वर्ल्ड बाउल्स चैंपियन ऑफ चैंपियंस में कोई पदक हासिल नहीं किया था। सोनवाल ने अपने प्रदर्शन से यह इंतजार खत्म कर दिया है।
इस प्रतियोगिता में अलग-अलग देशों के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत खिलाड़ियों के बीच भारत के लिए पदक सुनिश्चित करना बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
क्या है बाउल्स खेल?
बाउल्स एक ऐसा खेल है, जिसमें खिलाड़ी विशेष गेंदों को एक छोटी लक्ष्य गेंद के जितना संभव हो सके उतना पास पहुंचाने की कोशिश करते हैं। इसमें ताकत से ज्यादा सटीक निशाने, संतुलन और रणनीति की जरूरत होती है।
भारत में क्रिकेट, हॉकी और बैडमिंटन की तुलना में यह खेल कम लोकप्रिय है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खिलाड़ी लगातार अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
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अब स्वर्ण पदक पर रहेंगी नजरें
सेमीफाइनल में जगह बनाने के बाद पुतुल सोनोवाल के पास अब अपने पदक का रंग बदलने का मौका है। अगर वह अगले मुकाबले में जीत हासिल करते हैं, तो फाइनल में पहुंचकर स्वर्ण पदक के लिए चुनौती पेश करेंगे।
उनकी यह उपलब्धि बताती है कि भारतीय खिलाड़ी केवल लोकप्रिय खेलों में ही नहीं, बल्कि दूसरे खेलों में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।

