रांची: भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेला गया दूसरा टी-20 मुकाबला बल्लेबाजों के नाम रहा। वेस्टइंडीज ने भारतीय टीम को 6 विकेट से हराकर इतिहास रच दिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 249 रन बनाए थे। जवाब में वेस्टइंडीज ने 18.3 ओवर में 250 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। यह टी-20 इंटरनेशनल में भारत के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा सफल रनचेज है।
भारत ने एक साल में लगाए 311 छक्के
भारतीय टीम ने इस मुकाबले में 13 छक्के लगाए। इसके साथ ही भारत ने साल 2026 में टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 311 छक्के पूरे कर लिए। भारत एक कैलेंडर वर्ष में 300 से ज्यादा छक्के लगाने वाली पहली टेस्ट खेलने वाली टीम बन गई है। इससे पहले भारत ने ही 2022 में 289 छक्के लगाए थे।
शाई होप और रदरफोर्ड की शानदार बल्लेबाजी
वेस्टइंडीज की जीत में शाई होप और शेरफेन रदरफोर्ड का अहम योगदान रहा। होप ने महज 45 गेंदों में शतक पूरा किया। वह वेस्टइंडीज के लिए दूसरे सबसे तेज टी-20 शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।
वहीं रदरफोर्ड ने 84 रन की शानदार पारी खेली। जब वह 38 रन पर खेल रहे थे, तब मयंक यादव ने उनका कैच छोड़ दिया था। यह गलती भारतीय टीम को भारी पड़ी।
संजू सैमसन और तिलक वर्मा ने दिखाया दम
भारत की ओर से संजू सैमसन ने 82 रन की शानदार पारी खेली। तीसरे ओवर में निकोलस पूरन ने उनका कैच छोड़ दिया था। इसके बाद सैमसन ने तेजी से रन बनाए।
तिलक वर्मा ने भी आखिरी ओवरों में जबरदस्त बल्लेबाजी की। उन्होंने सिर्फ 18 गेंदों में नाबाद 44 रन बनाए। इस दौरान लगातार तीन छक्के भी लगाए।
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मैच में बने कुल 501 रन
इस मुकाबले में दोनों टीमों ने मिलकर 501 रन बनाए। साथ ही कुल 79 बाउंड्री लगीं, जिनमें 46 चौके और 33 छक्के शामिल रहे। यह पुरुष टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट के सबसे ज्यादा रन वाले मुकाबलों में शामिल हो गया। भारतीय तेज गेंदबाज मयंक यादव ने लगातार दो गेंदों पर विकेट लेकर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई थी। उन्होंने तीन ओवर में 36 रन देकर तीन विकेट लिए, लेकिन वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने शानदार वापसी करते हुए मैच जीत लिया।
भारत के लिए यह मुकाबला रिकॉर्ड बनाने के बावजूद निराशाजनक रहा। टीम ने बल्लेबाजी में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन गेंदबाजी और फील्डिंग में हुई गलतियों के कारण जीत हाथ से निकल गई।

