इंदौर: देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट को इंदौर की पहचान से जोड़कर देखा जाता है। एयरपोर्ट का बाहरी हिस्सा जहां यात्रियों को आकर्षित करता है, वहीं अब टर्मिनल के अंदरूनी लुक को लेकर सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई है। इसकी वजह बनी है टर्मिनल की खुली लोहे की संरचना वाली छत, जिसे लेकर एक यात्री ने सवाल उठाते हुए इसके सौंदर्यीकरण का सुझाव दिया।
यात्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और इंदौर एयरपोर्ट को टैग करते हुए टर्मिनल के अंदर की तस्वीर साझा की। उन्होंने सवाल किया कि जब एयरपोर्ट शहर में आने वाले यात्रियों के लिए पहली बड़ी झलक होता है, तो उसके इंटीरियर को भी इंदौर की पहचान और आधुनिकता के अनुरूप क्यों न बनाया जाए।
AI ने दिखाया एयरपोर्ट का संभावित नया लुक
लखोटिया ने केवल सवाल ही नहीं उठाया, बल्कि AI की मदद से तैयार किए गए कई संभावित डिजाइन भी साझा किए। इन कॉन्सेप्ट डिजाइन में मौजूदा छत के लोहे के ढांचे को सजावटी पैटर्न और आधुनिक फिनिश के साथ नया रूप देने की कल्पना की गई है।

इनमें कुछ डिजाइन स्थानीय मालवा संस्कृति से प्रेरित नजर आते हैं, जबकि कुछ में आधुनिक और लहरदार पैटर्न का इस्तेमाल किया गया है। इससे एयरपोर्ट के इंटीरियर में स्थानीय पहचान के साथ मॉडर्न लुक जोड़ने का विचार सामने आया है।
‘मालवा हेरिटेज’ से ‘नर्मदा फ्लो’ तक थीम
AI से तैयार कॉन्सेप्ट में अलग-अलग थीम का इस्तेमाल किया गया है। ‘मालवा हेरिटेज’, ‘मालवा मोटिफ्स’ और ‘नर्मदा फ्लो’ जैसी थीम के जरिए इंदौर और मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को एयरपोर्ट के डिजाइन से जोड़ने की कोशिश दिखाई गई।
कुछ प्रस्तावित डिजाइनों में पारंपरिक आकृतियों का आधुनिक रूप नजर आता है, तो कुछ में पानी की लहरों से प्रेरित पैटर्न छत को ज्यादा आकर्षक बनाने की कल्पना पेश करते हैं।
यात्रियों के सुझाव पर एयरपोर्ट प्रबंधन का जवाब
सोशल मीडिया पर सामने आए इस सुझाव को एयरपोर्ट प्रबंधन ने भी नजरअंदाज नहीं किया। प्रबंधन की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए कहा गया कि यात्री के सुझाव को नोट किया गया है और इसे भविष्य की सौंदर्यीकरण योजनाओं के लिए संबंधित टीम तक पहुंचाया जाएगा।
इस जवाब के बाद चर्चा केवल एक यात्री की सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित नहीं रही, बल्कि एयरपोर्ट के इंटीरियर, स्थानीय संस्कृति और आधुनिक डिजाइन को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है।
क्या इंदौर एयरपोर्ट को मिलेगी नई पहचान?
एयरपोर्ट किसी भी शहर में आने वाले यात्रियों के लिए उस शहर की पहली छवि बनाने वाली जगहों में शामिल होता है। ऐसे में इंटीरियर में स्थानीय कला, संस्कृति और आधुनिक वास्तुकला का इस्तेमाल शहर की अलग पहचान बनाने में मदद कर सकता है।
फिलहाल AI से तैयार किए गए डिजाइन केवल सुझाव और कॉन्सेप्ट हैं। इन्हें आधिकारिक डिजाइन या स्वीकृत योजना नहीं माना जा सकता। हालांकि इस पहल ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि क्या भविष्य में इंदौर एयरपोर्ट के अंदरूनी हिस्से को भी मालवा की संस्कृति और आधुनिकता का बेहतर मिश्रण बनाकर नई पहचान दी जा सकती है।

