इंदौर: शहर में शुक्रवार को भाजपा ने ‘लोकतंत्र बचाओ – अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के जरिए बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। सुभाष नगर चौराहे से शुरू हुई पदयात्रा परदेशीपुरा, पाटनीपुरा होते हुए निकली। इस दौरान पूरे रास्ते भगवा और तिरंगे का सैलाब दिखा।
यात्रा में डॉक्टर, वकील, सियागंज के किराना व्यापारी, साधु-संत, सिख, सिंधी, पाल समाज, किन्नर समाज, एडवोकेट्स और स्कूली बच्चे हाथों में ‘देश संविधान से चलेगा’ और ‘अराजकता हटाओ’ लिखी तख्तियां लेकर चले। कई लोग आयरन मैन और जोकर के वेश में भी पहुंचे, जो आकर्षण का केंद्र रहे। भाजपा ने एक लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया है।
मंच से गरजे कैलाश विजयवर्गीय
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा ‘यह राष्ट्रभक्तों की रैली है, जो अराजकता फैलाने वालों को बेनकाब करेगी।’ उन्होंने मंच से ही पुलिस अफसर को बुलाकर कहा कि यात्रा में आने वाले लोगों को रोका न जाए। इस दौरान उन्होंने ‘ये देश है वीर जवानों का’ गीत भी गाया और ‘देश की रक्षा कौन करेगा, हम करेंगे’ के नारे लगवाए।
नेताओं का जमावड़ा
पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, विधायक उषा ठाकुर और महापौर पुष्यमित्र भार्गव मौजूद रहे। परदेशीपुरा चौराहे पर मुख्य मंच बनाया गया था।
उषा ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं होगी। सत्ता परिवर्तन करना है तो चुनाव में जीतकर आइए। वहीं महापौर भार्गव बोले कि इंदौर का युवा लोकतंत्र बचाने सड़क पर उतरा है। फ्रांस से आए प्रतिनिधियों ने भी मंच से कहा कि घुसपैठ से उनके देश में अराजकता फैली है, भारत को सबक लेना चाहिए।
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पोस्टर लहराने पर हिरासत
यात्रा के दौरान कैलाश पांडे नामक युवक ’30 हजार का बल्ब और 33 हजार लीटर फिनाइल’ लिखा पोस्टर लेकर मंच के सामने पहुंच गया। मंत्री के इशारे पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। इस घटना से मंच पर कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया।
सुबह 8 बजे से ही शहर के कई रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई थी और बसों से कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम स्थल तक लाया गया।

