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इंदौर: आरक्षण पर संघ का बड़ा बयान, राम मंदिर के बाद बाकी विवाद कोर्ट पर छोड़े

इंदौर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक बुधवार को इंदौर में संपन्न हो गई। बैठक के समापन के बाद सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने पत्रकारों से बातचीत में आरक्षण, मंदिर विवाद, संगठन विस्तार, युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) सहित कई मुद्दों पर संघ का रुख स्पष्ट किया।

आरक्षण पर होसबाले ने कहा कि सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को जब तक समान अवसर नहीं मिलते, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए। इसका लाभ सभी पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरक्षण सामाजिक और ऐतिहासिक परिस्थितियों के आधार पर होना चाहिए, राजनीति के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

राम मंदिर बना दिया, बाकी मामले कोर्ट में रहें

कृष्ण जन्मभूमि समेत अदालतों में चल रहे मंदिर विवादों पर होसबाले ने कहा, ‘हमें राम मंदिर बनाकर दिखाना था, वह हमने बना दिया। बाकी मामले कोर्ट में चल रहे हैं, उन्हें वहीं रहने देना चाहिए।’

संघ की विचारधारा को लेकर वामपंथियों से मान्यता मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि संघ को लेफ्ट के वैलिडेशन की जरूरत नहीं है। संघ समाज का साथ चाहता है। वामपंथियों की मान्यता उसके लिए कोई मायने नहीं रखती।

एक साल में 10,241 नए स्थानों तक पहुंचा संघ

होसबाले ने बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष में संगठन का विस्तार हुआ है। पिछले एक साल में संघ की पहुंच 10,241 नए स्थानों तक बढ़ी है। अब देश के 63,208 स्थानों पर 99,423 शाखाएं संचालित हो रही हैं। इसके अलावा 34,982 साप्ताहिक मिलन और 14,096 मासिक मंडलियां चल रही हैं। इन गतिविधियों के जरिए संघ की पहुंच 1,03,397 स्थानों तक हो गई है।

सामाजिक एकता और समरसता के लिए देशभर में 94,218 हिंदू सम्मेलन आयोजित किए गए। संघ के मुताबिक, इनमें करीब पांच करोड़ लोगों ने भाग लिया। होसबाले ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में शाखाओं की संख्या पहले की तुलना में 150 गुना बढ़ी है और केरल के सभी गांवों में संघ की शाखाएं हैं।

नशे के शिकार युवाओं की काउंसलिंग करेगा संघ

होसबाले ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए संघ विशेष योजना तैयार करेगा। जो युवा ड्रग्स और नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं, उनकी काउंसलिंग की जाएगी। युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि युवाओं को भड़काकर समाज में अशांति फैलाने और हिंसा के जरिए व्यवस्था बदलने की कोशिश देशहित में नहीं है। इसके पीछे साजिश हो सकती है। युवाओं से संवाद कर उनकी समस्याओं को समझना और उनका प्रशासनिक स्तर पर समाधान करना जरूरी है।

बच्चों को मोबाइल से दूर रखने के बजाय संस्कार दें

मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल पर होसबाले ने कहा कि तकनीक को रोकना आसान नहीं है। बच्चों को मोबाइल और इंटरनेट से पूरी तरह दूर रखने के बजाय उन्हें सही संस्कार देना जरूरी है। माता-पिता को तय करना चाहिए कि बच्चों को किस उम्र में मोबाइल या अन्य उपकरण देना है और वे कितनी देर उनका इस्तेमाल करें।

उन्होंने परिवारों से अपील की कि दिन या सप्ताह में आधा से एक घंटा मोबाइल से दूर रहकर सभी सदस्य साथ बैठें और सकारात्मक विषयों पर बातचीत करें।

SIR को बताया नियमित प्रक्रिया

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर होसबाले ने कहा कि मतदाता सूची का समय-समय पर परीक्षण होना सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने 13 करोड़ नाम हटाए जाने की चर्चा का उल्लेख करते हुए कहा कि ये लोग अब दुनिया में नहीं हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें भी नोटिस मिला था, क्योंकि उन्होंने अपने गांव के बजाय बेंगलुरु से मतदान किया था।

संघ के पंजीयन के सवाल पर उन्होंने कहा कि संगठन के पंजीयन की कोई कानूनी बाध्यता नहीं है। संघ संविधान और कानून के अनुसार काम कर रहा है।

80 देशों में स्वयंसेवक, अंतरराष्ट्रीय संगठन बनाने की योजना नहीं

होसबाले ने बताया कि संघ के स्वयंसेवक 80 देशों में सक्रिय हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग संगठन बनाने का कोई उद्देश्य नहीं है। उन्होंने संघ प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क, लंदन और टोरंटो में हुए कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने बताया कि नवंबर-दिसंबर में संघ के प्रांतों में संघचालकों का निर्वाचन और नई कार्यकारिणी का गठन होगा। इसके बाद देशभर के 88 संभागों में संगठन के काम की योजना तैयार की जाएगी।

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बाढ़ और चक्रवात प्रभावित परिवारों की मदद

होसबाले के मुताबिक, असम के शिवसागर और जोरहाट जिलों में 1,600 से अधिक स्वयंसेवकों ने बाढ़ प्रभावित करीब 42,200 परिवारों तक भोजन, पानी और दवाइयां पहुंचाईं। बाढ़ से 805 गांव प्रभावित हुए थे और 1,500 से अधिक मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। करीब 150 परिवारों को मकानों के पुनर्निर्माण के लिए सामग्री भी दी गई।

ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में चक्रवात प्रभावित मछुआरों और किसानों की भी मदद की गई। बैठक में Gen-Z के बदलते रुझानों, शिक्षा के क्षेत्र में विद्या भारती की भूमिका और समाजसेवी महापुरुषों के कार्यों को आगे बढ़ाने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।

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