मध्यप्रदेश। महंगाई अब सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर खुलकर असर दिखाने लगी है। गैस सिलेंडर की किल्लत, PNG दरों में उछाल और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों ने खाने-पीने की चीजों को महंगा कर दिया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि जो खाना पहले 400-500 रुपए में आराम से मिल जाता था, अब उसी के लिए 700 से 800 रुपए तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
भोपाल में भी बढ़े रोजमर्रा के रेट्स
राजधानी भोपाल में चाय 10 से 12 रुपए, पोहा 15 से 17 रुपए, समोसा-कचौड़ी 15 से 17 रुपए और वेज बिरयानी 80 से 90 रुपए तक पहुंच गई है। थाली की कीमत भी 80 से बढ़कर 100 रुपए तक हो चुकी है।
इंदौर के फूड हब में ‘रेट रिविजन’
इंदौर के मशहूर 56 दुकान और सराफा बाजार में खाने-पीने की चीजों के दामों में 1 से 10 रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है। पोहा, चाय, समोसा, कचौड़ी से लेकर फास्ट फूड तक सब महंगा हो चुका है। वहीं दुकानदारों का कहना है कि तेल, मसाले, गैस और पैकेजिंग की लागत बढ़ने से कीमत बढ़ाना मजबूरी हो गया है। इसका असर ग्राहकों की संख्या पर भी पड़ा है, भीड़ अब पहले जैसी नहीं रही। जहां पहले 10 रुपए में मिलने वाली चाय अब 14 रुपए की हो गई है, वहीं पानीपुरी 30 से बढ़कर 40 रुपए तक पहुंच गई है। जॉनी हॉट डॉग जैसे पॉपुलर आइटम्स के दाम भी 30 से 35 रुपए हो गए हैं। नाश्ते के आइटम्स में 5 से 10 रुपए तक का इजाफा आम बात हो गई है।
‘किचन कॉस्ट’ ने बिगाड़ा बजट
साथ ही होटल और स्टॉल संचालकों के मुताबिक, कच्चे माल की लागत में 20-25% तक बढ़ोतरी हो चुकी है। तेल के डिब्बे 2600 से बढ़कर 3200 रुपए तक, गैस सिलेंडर 1800 से 3000-4000 रुपए तक, पैकेजिंग मटेरियल लगभग दोगुना और बिजली बिल और PNG चार्ज भी बढ़े है। इन सबका सीधा असर खाने की कीमतों पर पड़ा है।
किराना और ड्राय फ्रूट्स ने पकड़ी रफ्तार
ग्वालियर में भी महंगाई का असर तेजी से दिख रहा है। किराना और ड्राय फ्रूट्स के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। पिस्ता में 300-400 रुपए प्रति किलो तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि किशमिश और अन्य आयातित सामान भी महंगे हो गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे कीमतें बढ़ रही हैं।
जबलपुर में नाश्ता हुआ ‘प्रीमियम’
जबलपुर में समोसा 13 से बढ़कर 15 रुपए और जलेबी 240 से 300 रुपए प्रति किलो हो गई है।
कमर्शियल गैस की कमी के चलते दुकानदारों को वैकल्पिक साधन अपनाने पड़ रहे हैं, जिससे लागत और बढ़ रही है।
रीवा में पानी भी नहीं बचा सस्ता
रीवा में गर्मी के साथ महंगाई ने डबल अटैक किया है। 20 लीटर पानी का जार अब 25-30 रुपए से बढ़कर सीधे 40 रुपए हो गया है। गर्मी के मौसम में बढ़ती डिमांड के चलते लोगों का मासिक खर्च और बढ़ने वाला है।

