Iran–Israel War: 10 दिनों की जंग में ईरान को भारी तबाही, 1200 से ज्यादा मौतें, हजारों घायल, अस्पताल-इमारतें भी बनीं निशाना

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ईरान। मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष ने हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी सैन्य टकराव अब दसवें दिन में पहुंच चुका है और लगातार हो रहे मिसाइल व ड्रोन हमलों से ईरान को भारी मानवीय और बुनियादी ढांचे का नुकसान झेलना पड़ रहा है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन करमानपुर के अनुसार इस युद्ध में अब तक 1,200 से ज्यादा नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 10,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मृतकों में बड़ी संख्या महिलाओं और बच्चों की है। राजधानी तेहरान समेत कई बड़े शहरों में अस्पताल, स्कूल, आवासीय इमारतें और बाजार तक हमलों की चपेट में आ गए हैं। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों का कहना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र में बड़े मानवीय संकट का रूप ले सकता है।

जंग में ईरान को हुए नुकसान के 10 बड़े पॉइंट-

  1. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक 1,200 से ज्यादा नागरिक मारे जा चुके हैं। मृतकों में करीब 200 बच्चे और 200 महिलाएं शामिल हैं, जबकि 10,000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
  2. हमलों से ईरान का स्वास्थ्य ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। 25 अस्पताल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें से 9 अस्पताल पूरी तरह बंद हो चुके हैं।
  3. लगातार बमबारी में 18 इमरजेंसी हेल्थ सेंटर, 14 एम्बुलेंस और कुल 15 ऑपरेशनल वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे राहत और बचाव कार्य प्रभावित हुआ है।
  4. हमलों में 2 काउंटी हेल्थ सेंटर, 17 व्यापक स्वास्थ्य सेवा केंद्र और 2 ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र भी क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में इलाज मुश्किल हो गया है।
  5. विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं पर हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन हैं और इससे पूरे क्षेत्र में जनस्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता है।
  6. WHO के मुताबिक इस युद्ध का असर मिडिल ईस्ट के 16 देशों तक महसूस किया जा रहा है और 1 लाख से ज्यादा लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।
  7. अंतरराष्ट्रीय निगरानी एजेंसियों की सैटेलाइट इमेज और वीडियो से पता चला है कि हमलों में स्कूल, अस्पताल, ऐतिहासिक इमारतें और नागरिक इलाके भी प्रभावित हुए हैं।
  8. ईरान में कई क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं, जिससे जमीनी हालात की सटीक जानकारी बाहर आना मुश्किल हो गया है।
  9. मानवाधिकार समूहों के अनुसार देश के 30 प्रांतों में 148 घटनाओं के दौरान 752 हमले दर्ज किए गए हैं। राजधानी तेहरान सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में शामिल है, जहां करीब 34% हमले हुए।
  10. हमलों में करीब 7,943 रिहायशी मकान और 1,617 कमर्शियल यूनिट्स क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इसके अलावा 65 स्कूल, 32 मेडिकल सेंटर और रेड क्रिसेंट की 13 सुविधाएं भी तबाह हुई हैं।

 

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