वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरानी ड्रोन गतिविधियों के जवाब में गोरुक और केश्म द्वीप स्थित रडार ठिकानों पर हवाई कार्रवाई की गई। इसके बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सहयोगी ठिकानों की ओर सात बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया।
सात मिसाइलों में से छह हवा में तबाह
अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरान द्वारा दागी गई सात मिसाइलों में से छह को एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया, जबकि सातवीं मिसाइल लक्ष्य तक पहुंचने में असफल रही। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि इस हमले में किसी सैनिक या सैन्य प्रतिष्ठान को नुकसान नहीं पहुंचा है।
ईरान की मिसाइल क्षमता कमजोर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि हालिया सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की मिसाइल क्षमता गंभीर रूप से प्रभावित हुई है और उसके पास अब केवल 22 प्रतिशत मिसाइल शक्ति बची है। हालांकि अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ईरान ने अपनी कई मिसाइल साइट्स दोबारा सक्रिय कर ली हैं और उसके पास अभी भी पर्याप्त सैन्य संसाधन मौजूद हैं।
होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ा संकट
बता दें तनाव के बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक तेल टैंकर को रोक लिया, जबकि अन्य जहाजों को चेतावनी देकर वापस लौटने पर मजबूर किया गया। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ता तनाव वैश्विक तेल बाजार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए नई चिंता बन गया है।
24 अरब डॉलर की संपत्ति पर अटका समझौता
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौता फिलहाल ईरान की फ्रीज की गई 24 अरब डॉलर की संपत्ति को लेकर अटका हुआ है। ईरान चाहता है कि समझौते के साथ उसकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा जारी किया जाए, जबकि अमेरिकी प्रशासन इस मांग पर सहमत नहीं दिखाई दे रहा।

