तेहरान। ईरान और अमेरिका-इजरईज की लड़ाई अब चरम पर पहुंच गई है। एक ओर जहां अमेरिका ईरान में बी2 बंबर से बंमबारी कर रहा है। वहीं ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने शुक्रवार को ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4 के तहत नई पीढ़ी की मिसाइलों और मानव रहित विमानों के संयुक्त हमले की घोषणा की। आईआरजीसी के अनुसार इस कार्रवाई में कब्जे वाले क्षेत्रों के साथ-साथ पश्चिम एशिया में मौजूद कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी बयान में बताया गया कि यह कार्रवाई शुक्रवार को दिन में पहले अंजाम दी गई, जिसमें उन्नत तकनीक से लैस ठोस ईंधन और तरल ईंधन वाली मिसाइल प्रणालियों का उपयोग किया गया। इन मिसाइलों को एक साथ कई लक्ष्यों पर सटीक प्रहार करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
बयान के अनुसार इस चरण में बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों (शेख ईसा, जुफैर, अली अल-सालेम और अल अज्राक) में मौजूद अमेरिकी सैन्य बलों के ठिकानों और मुख्यालयों को निशाना बनाया गया। आईआरजीसी का दावा है कि इन हमलों में क्षेत्र में फैले कई अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों पर प्रहार किया गया।
आईआरजीसी ने यह भी कहा कि इस अभियान के दौरान कब्जे वाले क्षेत्रों के अंदर मौजूद कुछ महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर भी मिसाइलें दागी गईं। संगठन के मुताबिक यह कार्रवाई क्षेत्रीय तनाव के बीच सैन्य रणनीति के तहत की गई है।
ईरान ने नई पीढ़ी की मिसाइलों से अमेरिकी ठिकानों और कब्जे वाले क्षेत्रों को निशाना बनाकर मचाई तबाही


