तेल अवीव: इजराइल में संसदीय चुनाव के बाद वोटों की गिनती जारी है। शुरुआती रुझानों में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के गठबंधन ने बढ़त बना ली है। अब तक 84.5 प्रतिशत वोटों की गिनती पूरी होने के बाद नेतन्याहू गठबंधन को 54 सीटें मिलती दिखाई दे रही हैं। वहीं, गादी आइजनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन को 49 सीटों पर बढ़त मिलने का अनुमान है।
चुनाव से पहले सामने आए ओपिनियन पोल में नेतन्याहू की हार की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन मतगणना के रुझानों ने राजनीतिक स्थिति बदल दी है। हालांकि, सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत अभी किसी भी गठबंधन के पास नहीं है।
सरकार बनाने के लिए चाहिए 61 सीटें
इजराइल की संसद में कुल 120 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए 61 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है। फिलहाल नेतन्याहू गठबंधन 54 सीटों पर आगे चल रहा है, यानी बहुमत के लिए उसे 7 और सीटों के समर्थन की जरूरत होगी।
दूसरी ओर विपक्षी गठबंधन भी अन्य दलों के साथ मिलकर सरकार बनाने की कोशिश कर सकता है। ऐसे में छोटे राजनीतिक दलों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो गई है।
ट्रम्प ने नेतन्याहू की बढ़त का लिया श्रेय
इजराइल चुनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बयान भी चर्चा में है। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उनके समर्थन के बाद नेतन्याहू के पक्ष में चुनावी माहौल बदला है।
ट्रम्प के अनुसार, पहले नेतन्याहू की हार की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन अब मुकाबला काफी नजदीकी हो गया है। हालांकि, चुनावी रुझानों में बदलाव का कारण ट्रम्प का समर्थन ही था, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अरब पार्टियों का प्रदर्शन भी चर्चा में
इस चुनाव में अरब नेतृत्व वाली पार्टियों ने भी मजबूत प्रदर्शन किया है। शुरुआती रुझानों में जॉइंट लिस्ट और राअम पार्टी को मिलाकर 17 सीटें मिलने का अनुमान सामने आया है। वहीं, बाद के कुछ अनुमानों में यह संख्या 19 तक पहुंचती दिखाई गई है।
जॉइंट लिस्ट के नेता यूसुफ जबरीन ने कहा कि उनका गठबंधन सत्ता परिवर्तन की कोशिशों में सहयोग करने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि नेतन्याहू सरकार को हटाने की कोशिश करने वाले दलों को अरब पार्टियों से बातचीत करनी होगी। राअम पार्टी के नेता मंसूर अब्बास ने चुनाव में अरब नागरिकों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। इजराइल की कुल आबादी में अरब नागरिकों की हिस्सेदारी करीब 20 प्रतिशत है।
सरकार बनाने के लिए मिल सकते हैं 42 दिन
इजराइल में चुनाव परिणाम आने के बाद राष्ट्रपति किसी नेता को सरकार बनाने का अवसर देते हैं। इसके लिए शुरुआत में 28 दिन का समय मिलता है। जरूरत पड़ने पर राष्ट्रपति इसे 14 दिन और बढ़ा सकते हैं। इस दौरान राजनीतिक दलों को आपसी बातचीत करके समर्थन जुटाना होता है। यदि किसी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है, तो सरकार गठन की प्रक्रिया लंबी हो सकती है।
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अंतिम नतीजों पर टिकी दुनिया की नजर
फिलहाल नेतन्याहू गठबंधन सबसे आगे दिखाई दे रहा है, लेकिन चुनाव के अंतिम परिणाम आना बाकी हैं। बची हुई मतगणना के बाद सीटों की स्थिति बदल सकती है। इजराइल के चुनाव पर अमेरिका सहित कई देशों की नजर है। नई सरकार बनने के बाद देश की विदेश नीति, क्षेत्रीय सुरक्षा और पश्चिम एशिया के राजनीतिक हालात पर उसके फैसलों का असर पड़ सकता है।

