नई दिल्ली। भारत एक और ऐतिहासिक अंतरिक्षीय छलांग के लिए तैयार है। इसरो का ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 अभियान तकनीकी सामर्थ्य का प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि उस भविष्य की झलक है जहां संचार सुविधा धरती नहीं, अंतरिक्ष से सीधे आम नागरिक तक पहुंचेगी।
24 दिसंबर को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 अभियान को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित करेगा। इस अभियान का उद्देश्य निम्न पृथ्वी कक्षा में एक अत्याधुनिक संचार उपग्रह स्थापित करना है, जो अंतरिक्ष आधारित दूरसंचार सुविधा उपलब्ध कराएगा।
एलवीएम-3 प्रक्षेपण यान भारत का सबसे शक्तिशाली प्रक्षेपण माध्यम माना जाता है। यह लगभग 640 टन वजनी है और भारी भार को कक्षा में स्थापित करने में सक्षम है। इससे पूर्व यह चंद्रयान जैसे अभियानों में अपनी सफलता सिद्ध कर चुका है।
ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 उपग्रह की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह बिना किसी अतिरिक्त उपकरण के सीधे हाथ में उपयोग होने वाले दूरभाष यंत्रों को संचार सुविधा प्रदान करेगा। दुर्गम और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में यह व्यवस्था अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकती है।
इसरो ब्लूबर्ड-2 अभियान से भारत अंतरिक्ष में एक और सफलता की ओर, दूरसंचार क्षेत्र को मिलेगा लाभ


