बेंगलुरु। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने पहली बार खुलकर बताया है कि IPL फ्रेंचाइज़ियों की सोशल मीडिया गतिविधियां कई बार खिलाड़ियों के लिए असहज स्थिति पैदा कर देती हैं। हाल ही में आरसीबी पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान कोहली ने कहा कि खिलाड़ियों को हर समय कैमरे में कैद करना सही नहीं है और इसमें संतुलन बनाए जाने की जरूरत है।
प्रैक्टिस में भी कैमरे पीछा करते रहते हैं
कोहली ने कहा कि आज के दौर में खिलाड़ी जब ट्रेनिंग या प्रैक्टिस के लिए मैदान पर उतरते हैं, तब भी कई कैमरे लगातार उनका पीछा करते रहते हैं। इससे खिलाड़ी खुलकर अपने खेल पर काम नहीं कर पाते। जब हर चीज रिकॉर्ड हो रही हो, तब खिलाड़ी स्वाभाविक तरीके से एक्सपेरिमेंट नहीं कर पाता। अगर मैं नेट्स में कुछ नया ट्राई करूं और अगले दिन उसी पर चर्चा होने लगे, तो यह सहज माहौल नहीं रह जाता।
वहीं विराट कोहली ने साफ कहा कि खिलाड़ियों का मूल्यांकन उनके मैच प्रदर्शन से होना चाहिए, न कि प्रैक्टिस सेशन के छोटे क्लिप्स या वायरल वीडियो से। उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग के दौरान खिलाड़ी अपनी तकनीक, शॉट्स और रणनीति पर काम करते हैं, जो हमेशा सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा नहीं बनना चाहिए।
फैन एंगेजमेंट जरूरी, लेकिन लिमिट भी हो
साथ ही कोहली ने माना कि सोशल मीडिया आज फ्रेंचाइज़ियों और फैंस के बीच जुड़ाव का बड़ा माध्यम बन चुका है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि कंटेंट बनाने और खिलाड़ियों की प्राइवेसी के बीच बैलेंस होना बेहद जरूरी है। उनका कहना है कि फैंस को कंटेंट देना अच्छी बात है, लेकिन हर समय रिकॉर्डिंग और कैमरे खिलाड़ियों पर अतिरिक्त मानसिक दबाव डालते हैं।
IPL के बदलते माहौल पर भी बोले कोहली
इसके साथ ही आरसीबी स्टार विराट कोहली ने कहा कि IPL के शुरुआती वर्षों में माहौल काफी अलग था, लेकिन अब सोशल मीडिया और डिजिटल कंटेंट का दबाव काफी बढ़ चुका है। खिलाड़ी पहले से ही मैच और प्रदर्शन का प्रेशर झेलते हैं, ऐसे में ऑफ-फील्ड कैमरा प्रेशर को सीमित रखना चाहिए।

