श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर पुलिस को आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने शोपियां में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उसके प्रॉक्सी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के लिए फंडिंग करने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क आम लोगों से चुपके से पैसे जुटाता था और फिर अलग-अलग पेमेंट प्लेटफॉर्म के जरिए उन पैसों को जेल में बंद आतंकियों और उनके सहयोगियों तक पहुंचाता था। इस पैसे से आतंकियों को स्मार्टफोन और दूसरी सुविधाएं मुहैया कराई जाती थीं।
जांच के दौरान कई संदिग्ध ऑनलाइन लेनदेन सामने आए, जिसके बाद इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। इस मामले में शोपियां थाने में FIR दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
गिरफ्तार किए गए आरोपी शोपियां, पुलवामा और कठुआ के रहने वाले हैं। इनमें शोपियां के सैदपोरा बाला के ओवैस शफी नाइकू, रावलपोरा के तजामुल अहमद शाह, चित्रगाम कलां के मोज इरबाल और इमदाद यूसुफ गनई, पुलवामा के मुर्रन के साकिब जहूर वानी और लियाकत नजीर लोन, अरमोह के आमिर अहमद गनई, शोपियां के ट्रेंज स्थित नादिगुंड के फिरदौस ठोकर और कठुआ के चेक हरिया के मोहम्मद हनीफ और काजू शामिल हैं।
68 दिनों में 28 आतंकी सहयोगी गिरफ्तार
जम्मू-कश्मीर में पिछले 68 दिनों में अब तक 28 आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। लगातार हो रही कार्रवाई से आतंकी नेटवर्क की कमर टूट रही है।
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क्या है TRF?
गौरतलब है कि द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) जम्मू-कश्मीर का एक नया आतंकी संगठन है, जो 2019 में आर्टिकल-370 हटने के बाद अस्तित्व में आया। भारत सरकार इसे लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी संगठन मानती है। यह संगठन जवानों और आम नागरिकों की हत्या के अलावा सीमा पार से ड्रग्स और हथियारों की तस्करी में भी शामिल रहा है।

