मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर रोकने की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रोकने की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन से पहले शनिवार सुबह दिल्ली में सियासी सरगर्मी तेज हो गई। जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस सहित आसपास के इलाकों में प्रदर्शनकारियों का जुटना शुरू हो गया है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है और कई स्थानों से प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है।
प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस, जनपथ रोड और चुनाव आयोग मुख्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अशोक रोड पर बैरिकेडिंग कर रास्ते बंद किए गए हैं। दिल्ली-नोएडा के चिल्ला बॉर्डर सहित प्रमुख प्रवेश मार्गों पर भी सुरक्षा बल तैनात हैं। रेलवे स्टेशनों और होटलों में आने-जाने वालों की जांच की जा रही है।
दीपके बोले-आंदोलन होकर रहेगा
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान है और संविधान का अनुच्छेद 19 नागरिकों को शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार देता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदर्शन का उद्देश्य अपनी मांग उठाना है, तो इसके लिए अनुमति की आवश्यकता क्यों है।
दीपके ने कहा कि उनका आंदोलन होकर रहेगा। यदि पुलिस प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकती है, तो वे जहां रोके जाएंगे, वहीं प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने सुरक्षा संबंधी सख्ती को ताकत के बजाय डर की निशानी बताया।
कनॉट प्लेस से कई लोग हिरासत में
शनिवार सुबह कनॉट प्लेस के इंदिरा चौक इलाके में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाया। कुछ छात्रों के सार्वजनिक शौचालय में छिपे होने की सूचना के बाद उन्हें वहां से निकालकर वाहनों में बैठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस वाहन में दम घुटने से एक युवक बेहोश हो गया। इसके बाद वहां तनाव की स्थिति बन गई। घटनास्थल से 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की सूचना है।
विपक्षी दलों के रुख पर नजर
सीजेपी ने प्रदर्शन में शामिल होने के लिए विपक्षी दलों को आमंत्रित किया था। वामपंथी दलों और आम आदमी पार्टी ने इसमें शामिल होने की घोषणा की है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने समर्थन जताया है। कांग्रेस ने प्रदर्शन से दूरी बनाई है। पार्टी नेता राहुल गांधी शनिवार को चेन्नई में एक कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं।
लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी प्रदर्शन में शामिल नहीं होने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह हिमालयी क्षेत्रों में जल सुरक्षा और कृत्रिम हिमनदों से जुड़े काम में जुटे हैं। साथ ही उन्होंने विभिन्न समूहों के नेताओं से एकजुटता और समझदारी बनाए रखने की अपील की।
एसआईआर और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल
सीजेपी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। पार्टी ने एसआईआर की प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने की प्रक्रिया के साथ चुनावी आंकड़ों तथा सॉफ्टवेयर तक पहुंच से जुड़े मामलों पर आपत्तियां जताई थीं।
इस बीच, प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक परिवहन पर पाबंदियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा था कि किसी भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की सीमा आवश्यक और आनुपातिक होनी चाहिए। अदालत ने मेट्रो और रेल सेवाओं को पूरी तरह बंद करने पर भी चिंता जताई थी।
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली के प्रमुख इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की प्रतिक्रिया के बीच अब सबकी नजर इस बात पर है कि आंदोलन किस रूप में आगे बढ़ता है।

