गणेश प्रतिमा से लेकर मोबाइल स्टैंड, दीये और सजावटी सामग्री तक बना रहे आकर्षक उत्पाद
बालाघाट: जिस गोबर को आमतौर पर ग्रामीण परिवेश में पारंपरिक उपयोग तक ही सीमित माना जाता है, उसी गोबर से कटंगी तहसील के ग्राम कामथी के कारीगर अपनी कला और हुनर के दम पर आकर्षक कलाकृतियां और उपयोगी सामग्री तैयार कर रहे हैं।
देश के बड़े शहरों तक पहुंच रहे हैं कामथी के गोबर उत्पाद
इन कारीगरों की रचनात्मकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके हाथों से बने उत्पाद अब देश के बड़े शहरों के साथ नेपाल और यूनाइटेड किंगडम (यूके) तक पहुंच रहे हैं। ऑनलाइन माध्यम से विदेशों तक मिल रहे ऑर्डर ने उनके हुनर को नई पहचान दिलाई है।
मेले में गोबर उत्पाद बने आकर्षण का प्रमुख केंद्र
बालाघाट में मुलना स्टेडियम के पास 4 से 6 नवंबर तक आयोजित दीपांजलि आजीविका संगम मेला-2026 में पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में कामथी के कारीगरों के गोबर से बने उत्पाद लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं।
प्रदर्शनी में भगवान गणेश की आकर्षक प्रतिमाओं से लेकर गौमाता एवं अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां, छोटे दीपक, लुभान, मोबाइल स्टैंड, आरती, एक्यूप्रेशर मैट, कंडे, मालाएं, दीवार घड़ी और तोरण द्वार सहित अनेक उपयोगी एवं सजावटी वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं। इसके साथ ही पड़ार घास से तैयार टोकनियां भी लोगों को आकर्षित कर रही हैं।
प्राकृतिक सामग्री से तैयार हो रही पर्यावरण अनुकूल कलाकृतियां
कामथी के कारीगरों ने अपनी कल्पनाशीलता और पारंपरिक हुनर से गोबर को एक नया स्वरूप दिया है। इन उत्पादों के निर्माण में गोबर के साथ सेल्वट की गोंद, बीज, पत्तियां तथा मैदा और लकड़ी के पाउडर जैसी सामग्री का उपयोग किया जाता है। इससे विभिन्न आकारों की मजबूत एवं आकर्षक कलाकृतियां तैयार की जाती हैं। खास बात यह है कि इन उत्पादों में प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करते हुए पर्यावरण अनुकूल सामग्री तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। दीपावली के अवसर पर गोबर से बने दीये, सजावटी सामग्री और धार्मिक प्रतीकों की मौजूदगी इन्हें विशेष आकर्षण प्रदान कर रही है।
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यू-ट्यूब चैनल बना विदेशों तक पहुंचने का माध्यम
कारीगरों ने बताया कि अपने उत्पादों का प्रचार-प्रसार और बिक्री बढ़ाने के लिए उन्होंने यू-ट्यूब चैनल बनाया है। इसके माध्यम से लोग उनके उत्पादों को देखते हैं और ऑनलाइन ऑर्डर देते हैं। सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के सहारे ग्राम कामथी में तैयार सामग्री देश के बड़े शहरों तक पहुंच रही है। इतना ही नहीं, नेपाल और यूके से भी उनके उत्पादों के ऑर्डर मिल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में रहकर स्थानीय संसाधनों से उत्पाद तैयार करने वाले इन कारीगरों ने डिजिटल माध्यमों को बाजार तक पहुंचने का प्रभावी जरिया बनाया है।

