धार: मध्य प्रदेश के धार में लाट मस्जिद को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। सनातन प्रहरी समिति इसे परमारकालीन विजय मंदिर बताती है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे मस्जिद मानता है। विवाद के बीच प्रस्तावित ‘वराह मार्च’ और दूसरे पक्ष की वाहन रैली को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के चलते प्रशासन ने दोनों पक्षों की रैलियों की अनुमति निरस्त कर दी है। शहर के संवेदनशील इलाकों और धार्मिक स्थलों के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
‘वराह मार्च’ से पहले कार्यकर्ताओं की धरपकड़
सनातन प्रहरी समिति की ओर से 15 सितंबर को ‘वराह मार्च बाइक रैली’ प्रस्तावित थी। अनुमति निरस्त होने के बावजूद संभावित जमावड़े को देखते हुए पुलिस ने सोमवार रात से संगठन के कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को एहतियातन हिरासत में लेना शुरू किया।
इस दौरान सनातन प्रहरी से जुड़े आशीष बसु और पुलिस अधिकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। बसु ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्हें कहां ले जाया जा रहा है, इसकी जानकारी मांगी और एनकाउंटर की आशंका से जुड़ी टिप्पणी भी की।
पुलिस बोली- कानून व्यवस्था के लिए निरोधात्मक कार्रवाई
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) विजय डावर के मुताबिक प्रस्तावित मार्च के कारण कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए निरोधात्मक कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर थानों और निर्धारित केंद्रों पर रखा है। ऐतिहासिक और संवेदनशील स्थलों के आसपास भी सुरक्षा बढ़ाई गई है।
800 से 1000 पुलिसकर्मी तैनात
शहर में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए करीब 800 से 1000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग और चेकिंग बढ़ा दी गई है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने एहतियात के तौर पर संबंधित स्थल को मंगलवार के लिए बंद रखा है। परिसर के आसपास पुलिस का सुरक्षा घेरा भी बनाया गया है।
ड्रोन और ऊंची इमारतों से रखी जा रही नजर
सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस हाईराइज इमारतों और ड्रोन कैमरों के जरिए गतिविधियों पर नजर रख रही है। प्रमुख रास्तों और संवेदनशील धार्मिक स्थलों के आसपास भी पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है।
प्रशासन की सख्ती का असर शहर की सामान्य गतिविधियों पर भी दिखाई दे रहा है। फिलहाल पुलिस-प्रशासन की प्राथमिकता किसी भी तरह के टकराव को रोककर शांति व्यवस्था बनाए रखना है।
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क्या है लाट मस्जिद को लेकर विवाद?
धार स्थित लाट मस्जिद को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे हैं। सनातन प्रहरी समिति का दावा है कि यह स्थल प्राचीन विजय मंदिर से संबंधित है। वहीं मुस्लिम पक्ष इसे लाट मस्जिद मानता है।
इसी विवाद के बीच एक पक्ष ने ‘वराह मार्च’ और दूसरे पक्ष ने वाहन रैली निकालने की अनुमति मांगी थी। दोनों आयोजन एक ही दिन प्रस्तावित होने के कारण प्रशासन को कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका थी। इसके बाद दोनों पक्षों की रैलियों की अनुमति रद्द कर दी गई और शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई।

