बेगमगंज: बीना नदी पर बने मढ़िया बांध में रिसाव और पार में दरार आने की खबर गलत निकली है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। वीडियो में दावा किया जा रहा था कि बांध की पार से तेजी से पानी का रिसाव हो रहा है, लेकिन मौके पर की गई पड़ताल में इसकी पुष्टि नहीं हुई।
गेट खोलने के बाद बनाया गया वीडियो
मढ़िया डेम में करीब 45 प्रतिशत जलभराव होने के कारण बेगमगंज में माला फाटक मार्ग दो दिन से बंद था। इसके चलते डेम के तीन गेट खोलने पड़े। पानी निकलने के दौरान ओवरफ्लो होने से पार के ऊपर से पानी निकलने लगा।
इसी दौरान कुछ लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो के जरिए दावा किया गया कि मढ़िया डेम में तेजी से रिसाव हो रहा है और बांध की पार में दरार आ गई है।
वायरल वीडियो से क्षेत्र में फैली दहशत
वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने इसे सही मान लिया और क्षेत्र में बांध की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। दहशत में लोग जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करने लगे।
इसके बाद प्रशासन की ओर से मामले की सत्यता की जांच कराई गई। जांच में बांध में लीकेज और पार में दरार के दावे की पुष्टि नहीं हुई।
ग्राउंड जीरो पर नहीं मिला लीकेज
बीना नदी मढ़िया डेम के प्रभारी SDO अजय अहिरवार ने बताया कि ग्राउंड जीरो पर की गई पड़ताल में लीकेज की पुष्टि नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से फैली अफवाह गलत निकली है।
वायरल वीडियो की हकीकत जानने के लिए कुछ मीडियाकर्मी भी डेम पर पहुंचे। मौके पर पड़ताल के दौरान वीडियो में किए जा रहे पार से लीकेज के दावे की पुष्टि नहीं हुई। इस तरह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा दावा प्रथम दृष्टया गलत पाया गया।
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किसानों के लिए महत्वपूर्ण है मढ़िया बांध
बीना नदी पर बना मढ़िया बांध राहतगढ़ और बेगमगंज क्षेत्र के किसानों के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है। ऐसे में बांध को लेकर किसी भी तरह की अफवाह किसानों और ग्रामीणों के बीच भय का माहौल पैदा कर सकती है।
SDO अजय अहिरवार ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि बांध से जुड़े किसी भी वीडियो या खबर को बिना सत्यापन के आगे न बढ़ाएं। किसी संदिग्ध वीडियो की जानकारी संबंधित विभाग या जिम्मेदार अधिकारियों से पुष्टि करने के बाद ही साझा करें।

