नई दिल्ली/मुंबई | केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 231 करोड़ रुपये से अधिक के दो बड़े बैंक फ्रॉड मामलों में शनिवार को महाराष्ट्र और गुजरात के विभिन्न ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। CBI की बेंगलुरु स्थित बैंकिंग सिक्योरिटीज एंड फ्रॉड ब्रांच (BSFB) ने ये कार्रवाई दो अलग-अलग मामलों में की है।
पहला मामला: आर एल ज्वेल्स लिमिटेड
CBI ने M/s R L Jewels Ltd और उसके निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। CBI के मुताबिक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शिकायत पर दर्ज इस मामले में आरोप है कि कंपनी ने फर्जीवाड़ा, आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और दस्तावेजों में हेरफेर कर बैंक को 103.58 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया। जांच में यह भी सामने आया है कि बैंक से लिया गया पैसा दूसरे बैंकों के खातों के जरिए दूसरी जगह भेजा गया और रिकॉर्ड में भी गड़बड़ी की गई।
दूसरा मामला: आशापुरा गारमेंट्स लिमिटेड
आशापुरा गारमेंट्स लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ दर्ज किया गया है। यह केस केनरा बैंक की शिकायत पर दर्ज हुआ है। आरोप है कि कंपनी ने बैंकों के एक समूह से मिले लोन का इस्तेमाल कपड़ा कारोबार की बजाय स्टील, एल्युमिनियम और कोयले के कारोबार में किया। इससे बैंकिंग कंसोर्टियम को 128.23 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
छापेमारी में क्या मिला?
CBI ने दोनों मामलों में महाराष्ट्र और गुजरात के कई ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के घरों, दफ्तरों और कंपनियों के कार्यालयों की तलाशी ली गई।
छापेमारी में CBI को कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले हैं। इनमें फंड की हेराफेरी और पैसों के इस्तेमाल से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं। एजेंसी अब इन दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पूरे फर्जीवाड़े में किन-किन लोगों की भूमिका रही और पैसा कहां-कहां भेजा गया।
छापेमारी में CBI को कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले हैं। इनमें फंड की हेराफेरी और पैसों के इस्तेमाल से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं। एजेंसी अब इन दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पूरे फर्जीवाड़े में किन-किन लोगों की भूमिका रही और पैसा कहां-कहां भेजा गया।
CBI का बयान
CBI ने कहा है कि दोनों मामलों में जांच अभी जारी है। आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

