भोपाल: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री और पूर्व सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने मंगलवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में 29 जुलाई 2026 (गुरु पूर्णिमा) से 20 फरवरी 2027 तक देशव्यापी ‘समरसता संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा।
यह अभियान पांच चरणों में पूरा होगा और प्रदेशभर में कार्यक्रमों का आयोजन होगा। अभियान का शुभारंभ 29 जुलाई को समरसता दीपोत्सव के साथ होगा। प्रदेश के 62 संगठनात्मक जिलों, 1313 मंडलों के 21 हजार स्थानों पर एक साथ दीपोत्सव आयोजित किया जाएगा। जिन स्थानों पर गुरु रविदास मंदिर हैं, वहां तथा जहां मंदिर नहीं हैं, वहां सार्वजनिक स्थलों पर संत रविदास महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जी ने सभी संत.महात्माओं, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और समाज के सभी वर्गों से अभियान में सक्रिय आगीदारी का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल के नेतृत्व में प्रदेशभर में आयोजित होने वाले समरसता संकल्प अभियान में पार्टी के जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं के साथ-साथ सामाजिक संगठन और नागरिक बड़ी संख्या में सहभागिता करेंगे। अभियान की केंद्रीय टोली का समन्वय अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य करेंगे।
सिंगरौली के रास्ते भोपाल पहुंचेगी कलश यात्रा
भाजपा के प्रदेश महामंत्री व पूर्व सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने कहा कि गुरु रविदास केवल किसी एक समाज के नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के महान संत, समाज सुधारक और समरसता के प्रणेता थे। उन्होंने जातिगत भेदभाव, सामाजिक विषमता और अन्याय के विरुद्ध समानता, आत्मसम्मान एवं भाईचारे का संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज को दिशा देने वाले हैं और करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि अभियान का दूसरा चरण ‘कलश वंदन अभियान’ होगा।
श्री गुरु रविदास महाराज की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर (वाराणसी) की पावन मिट्टी से भरे कलश वाराणसी से देशभर के लिए रवाना होंगे। प्रदेश के लिए यह कलश यात्रा वाराणासी से लगभग 1100 किलोमीटर की यात्रा करते हुए सिंगरौली से प्रदेश में प्रवेश करेगी तथा सीधी, रीवा, सतना, मैहर, कटनी, दमोह, सागर, विदिशा एवं रायसेन में भव्य स्वागत-अभिनंदन के बाद भोपाल पहुंचेगी। भोपाल स्थित श्री गुरु रविदास मंदिर में पवित्र कलश स्थापित किया जाएगा। इसके पश्चात प्रदेश की पावन मिट्टी को मिलाकर 62 संगठनात्मक जिलों के लिए अलग-अलग कलश तैयार किए जाएंगे, जिन्हें रथों के माध्यम से जिला मुख्यालयों तक पहुंचाया जाएगा। वहां से यह पवित्र कलश मंडल, मंदिर और ग्राम स्तर तक पहुंचेंगे।

