मंडला: आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत के बाद जबलपुर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने बुधवार सुबह मंडला में वन विभाग के एक लिपिक के घर छापा मारा। कार्रवाई पश्चिम सामान्य वन मंडल में पदस्थ लिपिक स्वेतांक चौरसिया के राज राजेश्वरी वार्ड स्थित निजी आवास पर की गई। सुबह करीब छह बजे शुरू हुई कार्रवाई से वन विभाग में हड़कंप मच गया।
12 सदस्यीय टीम ने घर को घेरा
EOW अधिकारियों के नेतृत्व में करीब 12 सदस्यीय टीम सुबह लिपिक के घर पहुंची। टीम ने पूरे मकान को घेरकर तलाशी शुरू की। घर के अलग-अलग कमरों में रखी अलमारियों, लॉकर और अन्य स्थानों की जांच की गई। तलाशी के दौरान लिपिक और उनके परिजनों के नाम पर जमीन, मकान और कृषि भूमि से जुड़े 15 से अधिक दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है।
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आठ बैंक खातों की पासबुक और FD के कागजात मिले
जांच के दौरान EOW ने कई वित्तीय दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए हैं। इनमें आठ अलग-अलग बैंक खातों की पासबुक, चार फिक्स्ड डिपॉजिट से जुड़े दस्तावेज और शेयर बाजार में निवेश के कागजात शामिल बताए गए हैं। टीम इन दस्तावेजों के आधार पर लिपिक की आय और संपत्ति के बीच अंतर की जांच कर रही है।
नकदी और 250 ग्राम से ज्यादा आभूषण मिले
तलाशी के दौरान घर से नकदी और सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद किए गए हैं। आभूषणों का वास्तविक मूल्य पता लगाने के लिए EOW ने मूल्यांकनकर्ता को मौके पर बुलाया। अधिकारियों के अनुसार, बरामद संपत्तियों और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही कुल संपत्ति का आकलन किया जा सकेगा।
20 साल का वेतन रिकॉर्ड तलब
EOW ने लिपिक की करीब 20 वर्षों की सेवा अवधि का वेतन रिकॉर्ड भी तलब किया है। जांच एजेंसी अब उनकी वैध आय, संपत्ति, बैंक खातों, निवेश और परिवार के नाम दर्ज संपत्तियों का मिलान कर रही है। कार्रवाई की शुरुआत आय से अधिक संपत्ति को लेकर मिली गोपनीय शिकायतों के आधार पर हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में संपत्ति की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।

