पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा अपडेट सामने आया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार का कैबिनेट विस्तार पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में भव्य अंदाज में आयोजित किया गया। इस मेगा इवेंट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और एनडीए के कई बड़े चेहरे शामिल हुए, जिससे यह समारोह एक तरह से राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन में बदल गया।

राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार की सबसे ज्यादा चर्चा नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की एंट्री को लेकर रही, जिसने राज्य की राजनीति में नई पीढ़ी की शुरुआत का संकेत दिया है।
कौन-कौन बना मंत्री?
कैबिनेट विस्तार में कई वरिष्ठ और नए चेहरों को जगह दी गई। प्रमुख नामों में विजय सिन्हा, दिलीप जायसवाल, श्रवण कुमार, निशांत कुमार और लेसी सिंह शामिल हैं।

इसके अलावा रामकृपाल यादव, नीतीश मिश्रा, दामोदर रावत, संजय सिंह (टाइगर), अशोक चौधरी, मदन सहनी, भगवान सिंह कुशवाहा, संतोष कुमार सुमन, रमा निषाद जैसे नेताओं को भी मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई।

नई टीम में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने की कोशिश साफ दिखाई दी है, जिससे आगामी चुनावी रणनीति का भी संकेत मिलता है।
NDA का पावर शो
वहीं शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और खास बना दिया। उन्होंने मंच पर मौजूद नीतीश कुमार, चिराग पासवान और अन्य नेताओं से मुलाकात कर राजनीतिक एकजुटता का संदेश दिया। इसके साथ ही अमित शाह और राजनाथ सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि केंद्र और राज्य के बीच मजबूत तालमेल के साथ सरकार आगे बढ़ेगी।
सियासी समीकरण और रणनीति
यह कैबिनेट विस्तार सिर्फ पद वितरण नहीं, बल्कि एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। इसमें बीजेपी और जेडीयू के बीच संतुलन के साथ-साथ सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। नई कैबिनेट के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती विकास कार्यों को गति देना और जनता के बीच भरोसा मजबूत करना होगा। निशांत कुमार जैसे नए चेहरों की एंट्री से यह भी साफ है कि बिहार की राजनीति में अब नई जनरेशन को आगे लाने की तैयारी शुरू हो चुकी है।

