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डाबर को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत, FSSAI के बिक्री रोकने वाले आदेश पर लगी रोक

नई दिल्ली: डाबर इंडिया को अपने कुछ खाद्य उत्पादों की बिक्री को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। कोर्ट ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें कंपनी को ‘100% शुद्ध’, ‘100% नेचुरल’ और ‘100% ऑर्गेनिक’ जैसे दावे करने वाले कुछ उत्पादों की बिक्री रोकने का निर्देश दिया गया था।

जस्टिस अमित महाजन ने अदालत में कहा कि, डाबर इन उत्पादों को लंबे समय से बाजार में बेच रही है और कंपनी ने पहली नजर में राहत का मामला बनाया है। अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि कंपनी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बिना बिक्री रोकने का आदेश कैसे जारी किया जा सकता है। मामले की अगली सुनवाई करीब दो सप्ताह बाद होगी।

डाबर ने कहा- कार्रवाई से पहले नहीं मिला जवाब देने का मौका

डाबर की ओर से अदालत में दलील दी गई कि FSSAI ने बिक्री रोकने से पहले कंपनी को कोई कारण बताओ नोटिस नहीं दिया और न ही उसका पक्ष सुना गया। कंपनी ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ बताया।

डाबर ने खाद्य सुरक्षा और मानक (विज्ञापन और दावे) विनियम, 2018 का हवाला देते हुए कहा कि किसी नियामकीय कार्रवाई से पहले कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा जाना चाहिए और उसके जवाब पर विचार किया जाना चाहिए।

सरकार ने FSSAI के आदेश का किया बचाव

केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने FSSAI की कार्रवाई का बचाव किया। सरकार का कहना था कि डाबर को पहले भी सुधार संबंधी नोटिस और एडवाइजरी जारी की जा चुकी हैं। सरकार के मुताबिक, खाद्य उत्पादों पर ‘100 प्रतिशत’ जैसे दावे उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकते हैं और इसलिए ऐसे दावों की समीक्षा जरूरी है।

हालांकि, अदालत ने बिक्री पर तत्काल रोक के सवाल पर कहा कि कंपनी इन उत्पादों को कई वर्षों से बेच रही है। ऐसे में अचानक बिक्री रोकने का निर्देश देना प्रथम दृष्टया उचित नहीं लगता।

FSSAI ने 3 अगस्त को जारी किया था आदेश

FSSAI ने 3 अगस्त को डाबर के कई उत्पादों की बिक्री रोकने का निर्देश दिया था। इनमें ऐसे उत्पाद शामिल थे, जिनकी पैकेजिंग या प्रचार में ‘100% शुद्ध’, ‘100% नेचुरल’ या ‘100% ऑर्गेनिक’ जैसे दावे किए गए थे।

FSSAI की कार्रवाई के दायरे में डाबर शहद, हनी स्क्वीजी, सुंदरबन हनी, ऑर्गेनिक हनी, हिमालयन एप्पल साइडर विनेगर, गाय का घी, रियल एक्टिव 100% टेंडर कोकोनट वॉटर और होममेड कोकोनट मिल्क समेत कई उत्पाद बताए गए थे।

डाबर ने हाईकोर्ट में क्यों चुनौती दी?

कंपनी ने FSSAI के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि नियामक की कार्रवाई से पहले उसे अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए था। डाबर का तर्क है कि FSSAI के आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि ‘100% शुद्ध’ या ‘100% नेचुरल’ जैसे दावे किस विशेष नियम का उल्लंघन करते हैं। कंपनी के मुताबिक, सिर्फ ‘100%’ शब्द के इस्तेमाल से किसी उत्पाद को अपने आप भ्रामक नहीं माना जा सकता।

कंपनी ने कारोबार प्रभावित होने की जताई चिंता

डाबर ने अदालत को बताया कि बिक्री रोकने के आदेश से बाजार में मौजूद उत्पादों को वापस लेने या उनकी पैकेजिंग में बदलाव करने की स्थिति बन सकती है। कंपनी के अनुसार, FSSAI की ओर से आदेश की जानकारी सार्वजनिक किए जाने के बाद कुछ डिस्ट्रीब्यूटर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ने भी संबंधित उत्पादों की बिक्री से बचने की सलाह दी।

डाबर का कहना है कि FSSAI ने इन उत्पादों को असुरक्षित, मिलावटी, नकली या घटिया घोषित नहीं किया है। कंपनी के मुताबिक, मौजूदा विवाद मुख्य रूप से लेबलिंग, पैकेजिंग और विज्ञापन में किए गए दावों से जुड़ा है।

अब मामले में अगली सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगा।

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