नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के शानदार वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। बैंक का समेकित शुद्ध लाभ 13.73% बढ़कर 24,113 करोड़ रुपये पहुंच गया। बेहतर ब्याज आय और प्रावधानों में कमी के चलते बैंक के मुनाफे में यह बढ़ोतरी दर्ज की गई।
एकल (स्टैंडअलोन) आधार पर बैंक का शुद्ध लाभ 10.23% बढ़कर 21,121.22 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 19,160.44 करोड़ रुपये था।
ब्याज आय और लोन ग्रोथ में मजबूत बढ़त
पहली तिमाही में SBI की शुद्ध ब्याज आय (NII) लगभग 15% बढ़कर 46,992 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, बैंक के सकल अग्रिम (Gross Advances) में 18.63% की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, घरेलू नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) घटकर 3% रह गया, लेकिन तिमाही आधार पर इसमें 0.07% का सुधार देखने को मिला।
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गैर-ब्याज आय में गिरावट
बैंक की गैर-ब्याज आय 9% घटकर 15,293 करोड़ रुपये रही। इसकी प्रमुख वजह विदेशी मुद्रा और डेरिवेटिव कारोबार से होने वाली आय में करीब 70% की गिरावट रही। इस दौरान बैंक की जमा में 9.73% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि CASA अनुपात मामूली घटकर 39.36% रह गया।
FY27 के लिए बड़ा लक्ष्य
SBI के चेयरमैन सी.एस. सेट्टी ने बताया कि बैंक का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 में 14-15% की ऋण वृद्धि हासिल करना है। इसके लिए 10-11% जमा वृद्धि पर्याप्त रहेगी। उन्होंने बताया कि बैंक ने FCNR(B) विंडो के तहत अब तक 6 अरब डॉलर जुटाए हैं और सितंबर तक यह आंकड़ा 10 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।
NPA में सुधार, प्रावधान घटे
बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला। सकल एनपीए (GNPA) घटकर 1.47% रह गया, जो मार्च 2026 में 1.49% और पिछले वर्ष की समान अवधि में 1.83% था।
एनपीए के लिए प्रावधान 3,359 करोड़ रुपये रहे, जो पिछले साल के 4,934 करोड़ रुपये की तुलना में कम हैं। वहीं, बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात (CAR) 15.67% रहा, जिसमें कॉमन इक्विटी टियर-1 (CET-1) 12.89% शामिल है। शुक्रवार को बीएसई पर SBI का शेयर 1.03% की बढ़त के साथ 1,096.05 रुपये पर बंद हुआ।

