जबलपुर: आयरन ओर के अवैध खनन से जुड़े मामले में विधायक संजय पाठक से संबंधित फर्मों को हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली है। अधिवक्ता पंकज कुमार दुबे ने बताया कि उच्च न्यायालय की जबलपुर खंडपीठ ने संजय पाठक से संबंधित फर्मों के विरुद्ध चल रही लगभग 443 करोड़ रु एवं उस पर देय जीएसटी की रिकवरी संबंधी कार्रवाई में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है।
उन्होंने बताया कि यह मामला वर्ष 2004 से 2017 के बीच विजय राघवगढ़ से भारतीय जनता पार्टी के विधायक संजय पाठक से जुड़े फर्मों की कथित अवैध माइनिंग से जुड़ा हुआ था, जिसपर राजस्व कर जमा नहीं किया गया।इस मामले में कलेक्टर द्वारा संजय पाठक को 443 करोड़ रु सरकारी खजाने में जमा करने के लिए आदेश दिया था।
81 करोड़ की एक और रिकवरी का नोटिस
अधिवक्ता पंकज दुबे के अनुसार, इससे पूर्व भी दिनांक 8 सितंबर 2026 को न्यायमूर्ति आनंद पाठक व माननीय न्यायमूर्ति बी. पी. शर्मा की डिवीजन बेंच ने इसी मामले से जुड़े पांच प्रकरणों में से एक की याचिका को खारिज किया था। अब इसी मामले में संबंधित दूसरी फर्म पैसिफिक एक्सपोर्ट के विरुद्ध लगभग 81 करोड़ रु की रिकवरी का नोटिस दिया गया है। इसी पर राहत पाने के लिए संजय पाठक की ओर से हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया था लेकिन हाईकोर्ट ने इसमें दखल देने से मना कर दिया।
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कोर्ट ने कहा कलेक्टर के सामने रखें पक्ष
उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि संबंधित फर्में अपना पक्ष कलेक्टर, जबलपुर के समक्ष रख सकती हैं और कलेक्टर को चार महीने के अंदर प्रकरण का निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। पिछले छह से आठ महीने से यह मामला लंबित है। न्यायालय ने इस स्तर पर हस्तक्षेप करने से इनकार किया है।

