भोपाल। मध्य प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद मानसून ने आखिरकार रफ्तार पकड़ ली है। नौ दिन की देरी से प्रदेश में प्रवेश करने वाला मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है और मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 72 घंटों में यह पूरे राज्य को अपनी चपेट में ले लेगा। इसी के मद्देनजर गुरुवार को प्रदेश के 46 जिलों में तेज बारिश, गरज-चमक और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश के 15 जिलों में मानसून सक्रिय हो चुका है। अलीराजपुर, बड़वानी, धार, इंदौर, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में मानसून की आधिकारिक एंट्री दर्ज की गई है। अब यह तेजी से मध्य और उत्तरी क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है।
भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, सागर और बुंदेलखंड के कई जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
हालांकि प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्मी और उमस अभी भी बनी रहेगी। नीमच, मंदसौर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, रीवा और सिंगरौली में उमस भरा मौसम रहने का अनुमान है, जबकि सीधी जिले में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है।
इस वर्ष मानसून की सामान्य आगमन तिथि 15 जून थी, लेकिन इसकी एंट्री 24 जून को हुई। देरी का असर बारिश के आंकड़ों में भी साफ दिखाई दे रहा है। 1 जून से 24 जून तक प्रदेश में औसतन 84.8 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, जबकि अब तक केवल 42 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से लगभग 50 प्रतिशत कम है।
मौसम विभाग का मानना है कि अगले तीन से चार दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने से बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है। हालांकि इस वर्ष अधिकांश जिलों में सामान्य से कम वर्षा होने का अनुमान भी जताया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार मानसून सीजन में प्रदेश में औसतन 37.3 इंच बारिश होती है, लेकिन इस बार यह आंकड़ा 30 से 32 इंच के बीच रह सकता है।
फिलहाल किसानों और आम लोगों की निगाहें आगामी 72 घंटों पर टिकी हैं, क्योंकि मानसून की सक्रियता प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल सकती है।

