दावोस। मध्यप्रदेश सरकार राज्य को तकनीकी और औद्योगिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान दावोस में प्रदेश शासन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कंपनी टच लैब के साथ उभरती तकनीकों पर महत्वपूर्ण चर्चा की।
औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन के प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह ने बैठक में बताया कि मध्यप्रदेश एआई और डीपटेक सेक्टर में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रहा है। उन्होंने राज्य की नीतियों, तकनीकी संसाधनों और साझेदारी के व्यावहारिक मॉडल पर विस्तार से जानकारी दी। टच लैब के प्रतिनिधियों ने अपने एआई समाधान, वैश्विक परियोजनाओं और अनुभव को साझा किया। कंपनी यूके, टोक्यो और अमेरिका सहित कई देशों में काम कर रही है और आगामी वैश्विक एआई समिट में भी भागीदारी करने जा रही है।
प्रमुख सचिव ने बताया कि मध्यप्रदेश चरणबद्ध और यथार्थवादी रणनीति के तहत एआई विकास को आगे बढ़ा रहा है। राज्य की सस्ती और स्थिर विद्युत व्यवस्था डेटा सेंटर और हाई-कंप्यूटिंग परियोजनाओं के लिए मजबूत आधार प्रदान करती है। उन्होंने नाट्रैक्स को प्रदेश की महत्वपूर्ण तकनीकी संपत्ति बताते हुए कहा कि यह एडवांस्ड मोबिलिटी और एआई आधारित टेस्टिंग के लिए देश का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है। बैठक में शिक्षा, अनुसंधान और स्टार्ट-अप आधारित सहयोग पर भी जोर दिया गया। प्रदेश में 6,000 से अधिक स्टार्ट-अप सक्रिय हैं, जो पायलट प्रोजेक्ट और इनोवेशन के लिए मजबूत इकोसिस्टम बनाते हैं।
टच लैब ने साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन गेमिंग जैसे क्षेत्रों में एआई तकनीक के उपयोग में रुचि दिखाई। दोनों पक्षों ने पायलट प्रोजेक्ट और दीर्घकालिक साझेदारी पर बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई।
दावोस में एमपी की टेक डिप्लोमेसी, एआई और डीपटेक में निवेश को लेकर टच लैब से अहम बातचीत


