कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के एक बयान ने सियासी बहस तेज कर दी है। उन्होंने इन दोनों सीटों पर होने वाली वोटिंग को अल्पसंख्यक मतदाताओं के लिए एक तरह का ‘टेस्ट’ बताया है। बाद में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि मुसलमानों को यह साबित करना होगा कि वे BJP के दोस्त हैं।
‘पास होना है या फेल, फैसला आपका’
हल्दिया में BJP उम्मीदवार के नामांकन से जुड़े कार्यक्रम के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने अल्पसंख्यक मतदाताओं से समर्थन की अपील की। उन्होंने कहा कि जो अल्पसंख्यक अब तक उन्हें या BJP को वोट नहीं देते रहे हैं, उनके पास अब यह तय करने का मौका है कि वे सरकार के साथ रहना चाहते हैं या नहीं।
अधिकारी ने 6 अक्टूबर के उपचुनाव को ‘टेस्ट’ बताते हुए कहा कि मतदाताओं को तय करना है कि वे इसमें ‘पास’ होना चाहते हैं या ‘फेल’। साथ ही उन्होंने अल्पसंख्यकों से धर्म के आधार पर BJP का विरोध नहीं करने और विकास के मुद्दे पर सरकार का साथ देने की अपील की।
इन दोनों सीटों पर अल्पसंख्यक मतदाता महत्वपूर्ण भूमिका में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक रेजिनगर में मुस्लिम मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 65 प्रतिशत, जबकि नंदीग्राम में करीब 26 प्रतिशत है।
विपक्ष ने बयान पर उठाए सवाल?
शुभेंदु अधिकारी के बयान पर विपक्षी नेताओं ने आपत्ति जताई है। विपक्ष का आरोप है कि मुख्यमंत्री वोटरों के राजनीतिक समर्थन को सरकार के साथ खड़े होने और योजनाओं के लाभ से जोड़ रहे हैं। दूसरी ओर अधिकारी का कहना है कि उनकी सरकार विकास के आधार पर सभी वर्गों का समर्थन हासिल करना चाहती है।
यह भी पढ़े: मंडीदीप थाने में भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, पोस्ट को लेकर FIR के बाद दोनों पक्षों ने दिया धरना
नंदीग्राम में क्यों हो रहा उपचुनाव?
2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम के साथ भवानीपुर सीट से भी जीते थे। बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम छोड़ दिया, जिसके कारण यहां उपचुनाव हो रहा है। वहीं रेजिनगर सीट हुमायूं कबीर के सीट छोड़ने के बाद खाली हुई। दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी।
BJP ने नंदीग्राम से हासिरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। वह शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मां हैं। वहीं रेजिनगर से पार्टी ने पूर्व मुर्शिदाबाद जिला अध्यक्ष शाखारव सरकार को मैदान में उतारा है।

