मुंबई: गोल्ड लोन कारोबार की प्रमुख कंपनी मुथूट फिनकॉर्प करीब ₹3,000 करोड़ का आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने इसके लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया है।
कंपनी के मुताबिक, IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल भविष्य की पूंजी जरूरतों को पूरा करने, आगे कर्ज देने और कारोबार के विस्तार में किया जाएगा।
पूरा IPO फ्रेश इश्यू होगा
कंपनी की ओर से दाखिल ड्राफ्ट दस्तावेजों के मुताबिक, प्रस्तावित IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू होगा। इसमें कंपनी नए शेयर जारी करेगी। इस IPO में ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं होगा। यानी कंपनी के मौजूदा प्रमोटर या निवेशक अपने पुराने शेयर बेचकर IPO से बाहर नहीं निकलेंगे। IPO से मिलने वाली रकम सीधे कंपनी के पास जाएगी।
139 साल पुराना है मुथूट पप्पाचन ग्रुप
मुथूट फिनकॉर्प, मुथूट पप्पाचन ग्रुप का हिस्सा है। इस ग्रुप की शुरुआत 1887 में हुई थी। कंपनी पिछले दो दशकों से ज्यादा समय से गोल्ड लोन कारोबार में सक्रिय है और इसका मुख्य कारोबार सोने के बदले कर्ज देने का है। गोल्ड लोन के अलावा कंपनी बिजनेस लोन, लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी, सप्लाई चेन फाइनेंसिंग, डिजिटल लोन, माइक्रोफाइनेंस और हाउसिंग लोन जैसी वित्तीय सेवाएं भी उपलब्ध कराती है।
फ्रेश इश्यू और OFS में क्या अंतर?
फ्रेश इश्यू: इसमें कंपनी नए शेयर जारी करती है। इससे मिलने वाली रकम सीधे कंपनी के पास जाती है, जिसका इस्तेमाल कारोबार के विस्तार, पूंजी जरूरतों या अन्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
ऑफर फॉर सेल (OFS): इसमें कंपनी के मौजूदा प्रमोटर या निवेशक अपने शेयर बेचते हैं। इस बिक्री से मिलने वाली रकम कंपनी के बजाय शेयर बेचने वाले निवेशक को मिलती है।
मुथूट फिनकॉर्प के प्रस्तावित IPO में फ्रेश इश्यू होने के कारण जुटाई गई पूंजी कंपनी के कारोबार और भविष्य की वित्तीय जरूरतों के लिए इस्तेमाल की जाएगी।

