मुंबई: अभिनेता नाना पाटेकर की मौत को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनकी मौत की वजह प्राकृतिक बताई गई है।रिपोर्ट के अनुसार, नाना पाटेकर कोरोनरी आर्टरी डिजीज यानी CAD से पीड़ित थे। बताया गया है कि उनके दिल की मुख्य धमनी में खून का थक्का जमने से हृदय के एक बड़े हिस्से तक रक्त की आपूर्ति रुक गई, जिसके चलते उन्हें मैसिव हार्ट अटैक आया।
कुछ घंटे पहले दोस्त को मैसेज किया था
पुलिस जांच में पता चला है कि नाना पाटेकर ने निधन से कुछ घंटे पहले अपने करीबी दोस्त अमेय नाईक से संपर्क करने की कोशिश की थी। उन्होंने 8 अक्टूबर की सुबह करीब 2:30 बजे वॉट्सऐप पर मैसेज भेजकर तबीयत ठीक नहीं होने की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने अमेय को फोन भी किया।
पुलिस के मुताबिक, अमेय नाईक ने नाना पाटेकर का मैसेज सुबह करीब 3:30 बजे देखा। इसके बाद वे तुरंत उनके डोना पावला स्थित घर पहुंचे। वहां उन्होंने नाना को सोफे पर बेहोश पाया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमेय ने सुरक्षा गार्ड की मदद से अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं से संपर्क किया। इसके बाद नाना पाटेकर को मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का केस दर्ज किया था
नाना पाटेकर की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए 8 अक्टूबर को बांबोली स्थित गोवा मेडिकल कॉलेज में पोस्टमॉर्टम किया गया।नाना पाटेकर के निधन की सूचना मिलने के बाद पणजी पुलिस ने पुलिस स्टेशन में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 194 के तहत आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया था।
गोवा से नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर पुणे लाया गया था। यहां देर रात डोंजे गांव में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ था।

