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भोपाल में नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप का हुआ समापन

भोपाल: राजधानी भोपाल के बोट क्लब में आयोजित राजा भोज मल्टी क्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप-2026 का रविवार को समापन हुआ। पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। उन्होंने विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया और कहा कि मध्यप्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक स्टेडियम विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टेडियम के साथ अलग-अलग खेलों के लिए जरूरी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, ताकि प्रदेश के हर क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि खेल विभाग का बजट बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

12 क्लबों के 87 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा

राजा भोज मल्टी क्लास नेशनल रैंकिंग सेलिंग चैंपियनशिप में 12 क्लबों के 87 खिलाड़ियों ने 110 रेस में हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में नेशनल सेलिंग स्कूल (भोपाल) ने पहला स्थान हासिल किया। नेवी यूथ स्पोर्ट्स क्लब (गोवा) दूसरे और सिकंदराबाद तीसरे स्थान पर रहा।

अपर लेक की लहरों पर खिलाड़ियों ने अलग-अलग वर्गों में अपनी तकनीक, संतुलन और गति का प्रदर्शन किया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए आगे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अवसर मजबूत होने की उम्मीद है।

तीन साल में 16वें-17वें से तीसरे स्थान पर पहुंचा MP

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि खेलों में मध्यप्रदेश की स्थिति लगातार मजबूत हुई है। उनके मुताबिक, करीब तीन साल पहले प्रदेश खेलों में देश में 16वें-17वें स्थान के आसपास था, लेकिन अब तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने इसे खिलाड़ियों की मेहनत और सरकार की खेलों के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम बताया।

उन्होंने कहा कि ओलंपिक और कॉमनवेल्थ जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारत की उपलब्धियों में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों का योगदान भी बढ़ रहा है।

18 खेलों की 11 अकादमियां संचालित

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 18 खेलों की 11 खेल अकादमियां संचालित की जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उनके प्रशिक्षण, शिक्षा और भविष्य के अवसरों पर भी ध्यान देना है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में खेलों को शिक्षा से जोड़ने के साथ प्रशिक्षकों के लिए भी करियर के अवसरों पर जोर दिया गया है। खिलाड़ियों के साथ उनके कोच के भविष्य और प्रगति पर भी ध्यान देना जरूरी है।

भोपाल में खेल संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि भोपाल के बड़े तालाब का उपयोग खेल और पर्यटन, दोनों क्षेत्रों में किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से भोपाल में खेल संग्रहालय बनाने की दिशा में पहल करने का आग्रह किया, ताकि मध्यप्रदेश और भोपाल की खेल उपलब्धियों को एक जगह प्रदर्शित किया जा सके।

सारंग ने कहा कि प्रदेश की 11 खेल अकादमियों में प्रशिक्षण प्राप्त खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।

खिलाड़ियों को किया गया सम्मानित

समारोह में मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेलों में उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इनमें कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में रजत पदक जीतने वाली यामिनी मौर्य, शॉटपुट खिलाड़ी समरदीप सिंह गिल, पोल वॉल्ट खिलाड़ी देव कुमार मीणा, कुलदीप कुमार और फेंसिंग खिलाड़ी खुशी दाबोड़े शामिल रहे।

इसके अलावा 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी की टीम के खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया।

NSS भोपाल बना चैंपियन

राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल रैंकिंग सेलिंग चैंपियनशिप-2026 में NSS भोपाल विजेता रहा, जबकि NYSC गोवा उपविजेता बना। भोपाल की विजेता टीम में वायु चंद्रवंशी, माही वर्मा, तुलसी पटले, एकलव्य वायम, वंशिका शिकारवार, आर्यन पाटीदार, प्रार्थना मोई, अंकित सिसोदिया, समर पंचेश्वर और सिद्धि टंडन शामिल रहे।

भोपाल बन रहा वाटर स्पोर्ट्स का प्रमुख केंद्र

भोपाल की झीलें सेलिंग, रोइंग, कयाकिंग और केनोइंग जैसे वाटर स्पोर्ट्स के लिए अनुकूल मानी जाती हैं। मध्यप्रदेश राज्य जल क्रीड़ा अकादमी की स्थापना 2007 में हुई थी। यहां सेलिंग, रोइंग, कयाकिंग, केनोइंग और स्लालम जैसे खेलों का प्रशिक्षण दिया जाता है।

अकादमी के खिलाड़ियों ने अब तक 28 अंतरराष्ट्रीय और 69 राष्ट्रीय पदक हासिल किए हैं। खिलाड़ी 37 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत और मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं।

‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस पर निशाना

कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस नेताओं के बयानों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रभक्ति की भावना से जुड़ा है और कांग्रेस नेताओं को अपने बयानों के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।

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