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ट्विशा शर्मा केस में नया मोड़: पीएम रिपोर्ट में नहीं हुई ड्रग्स की पुष्टि

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में अब जांच ने नया मोड़ ले लिया है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) के प्रमुख रजनीश कश्यप ने कई अहम खुलासे करते हुए स्पष्ट किया है कि ट्विशा शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ड्रग्स सेवन जैसी कोई बात सामने नहीं आई है।

यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की ओर से ड्रग्स से जुड़े दावे किए गए थे। अब SIT चीफ के बयान के बाद उन दावों पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

ड्रग्स जैसी कोई बात सामने नहीं आई

SIT चीफ रजनीश कश्यप ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अब तक की मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऐसा कोई तथ्य नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो कि ट्विशा ड्रग्स के प्रभाव में थीं। उन्होंने कहा कि जांच पूरी तरह तकनीकी और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस हर एंगल से केस की पड़ताल कर रही है और किसी भी तरह की अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर भरोसा नहीं किया जा रहा।

केस कमजोर करने की कोशिश

वहीं ट्विशा शर्मा के परिजनों ने आरोप लगाया है कि मामले को भटकाने और कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। परिवार का कहना है कि ड्रग्स से जुड़े दावे जानबूझकर सार्वजनिक किए गए ताकि मूल मुद्दों मानसिक प्रताड़ना, घरेलू तनाव और संदिग्ध परिस्थितियों से ध्यान हटाया जा सके। परिजनों ने निष्पक्ष जांच और आरोपी पक्ष पर सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई है।

बेल्ट जब्त नहीं होने पर पुलिस ने मानी लापरवाही

मामले में एक बड़ा सवाल उस बेल्ट को लेकर भी उठा, जिससे कथित तौर पर फांसी लगाई गई थी। SIT चीफ रजनीश कश्यप ने स्वीकार किया कि तत्कालीन जांच अधिकारी की ओर से बेल्ट जब्त न करना गंभीर लापरवाही थी। उन्होंने कहा कि इस मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है और जिम्मेदारी तय की जाएगी।

आरोपी समर्थ सिंह की तलाश तेज

पुलिस के मुताबिक, आरोपी समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के लिए 6 से 7 टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। साथ ही पुलिस ने उसके पासपोर्ट निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, ताकि देश छोड़कर भागने की संभावना को रोका जा सके।

मामले में वीआईपी कनेक्शन और प्रभावशाली परिवार का नाम सामने आने के बाद पुलिस पर दबाव के आरोप भी लग रहे थे। हालांकि SIT प्रमुख ने साफ कहा कि जांच एजेंसी पर किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं है और पुलिस पूरी निष्पक्षता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हर तथ्य, डिजिटल रिकॉर्ड, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है।

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