Tuesday, October 6, 2026
Contact: +91 97559 93555
Email: tathyawani@gmail.com
spot_img
Hometrending newsCEC ज्ञानेश कुमार पर तुरंत एक्शन नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- पहले...

CEC ज्ञानेश कुमार पर तुरंत एक्शन नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- पहले रिकॉर्ड देखेंगे, फिर होगा फैसला

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को अहम सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की तरफ से ज्ञानेश कुमार को तत्काल निलंबित करने की मांग की गई, लेकिन कोर्ट इसके लिए तैयार नहीं हुआ।

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग, SIR से जुड़े फैसलों पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका - petition filed supreme court seeks prosecution cec gyanesh kumar sir ...

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले में लगाए गए आरोपों और चुनाव आयोग के वास्तविक रिकॉर्ड को देखे बिना किसी नतीजे पर पहुंचना ठीक नहीं होगा। न्यूज रिपोर्ट पूरी तरह सही, आंशिक रूप से सही या गलत भी हो सकती है। इसलिए केवल मीडिया रिपोर्ट को आधार बनाकर CEC के खिलाफ तत्काल आदेश नहीं दिया जा सकता।

केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, दोनों चुनाव आयुक्तों और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। अब इन सभी पक्षों को कोर्ट के सामने अपना जवाब रखना होगा।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग का काम कानून के दायरे में होना चाहिए। अगर आगे सुनवाई में यह सामने आता है कि कोई फैसला कानून के मुताबिक नहीं लिया गया है तो कोर्ट उस पर उचित कार्रवाई कर सकता है।

वकील ने उठाया चुनाव आयुक्तों को मिले संरक्षण का मुद्दा

याचिकाकर्ता राकेश कुमार सिंह की ओर से वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने कोर्ट में चुनाव आयुक्तों को कानून के तहत मिले संरक्षण पर सवाल उठाया?

उन्होंने दलील दी कि मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को उनके आधिकारिक काम को लेकर जिस तरह का कानूनी संरक्षण दिया गया है, वैसा संरक्षण प्रधानमंत्री तक को नहीं मिला है। इसी आधार पर उन्होंने CEC ज्ञानेश कुमार को फिलहाल निलंबित करने की मांग की।

इस पर कोर्ट ने सवाल किया? कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त को निलंबित कर दिया जाए तो चुनाव आयोग का काम कैसे चलेगा। वकील ने कहा कि बाकी दो चुनाव आयुक्त काम कर सकते हैं। कोर्ट ने इस पर तत्काल कोई आदेश देने के बजाय कहा कि पहले पूरी याचिका और इससे जुड़े तथ्यों को देखना जरूरी है।

याचिकाकर्ता ने यह भी मांग की कि जब तक मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, तब तक चुनाव आयोग के महत्वपूर्ण फैसले एकमत या तय कानूनी प्रक्रिया के अनुसार लिए जाएं। कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग को कानून के अनुसार ही काम करना होगा।

SIR को लेकर भी उठाए गए सवाल?

याचिका में मामला सिर्फ CEC के निलंबन तक सीमित नहीं है। मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) से जुड़े फैसलों पर भी सवाल उठाए गए हैं।

याचिकाकर्ताओं ने SIR से जुड़े कुछ फैसलों को गैरकानूनी घोषित करने और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। इसके अलावा यह भी जांचने की मांग की गई है कि चुनाव आयोग के अहम फैसले सामूहिक रूप से लिए गए या नहीं।

एक अन्य याचिका में सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में स्वतंत्र जांच या SIT गठित करने की मांग भी की गई है।

यह भी पढ़ें: रानी दुर्गावती जन्मोत्सव में दिखा सियासी सौहार्द, कांग्रेस विधायक ने CM मोहन की तारीफ की

अभी न CEC निलंबित, न SIR पर रोक

सुप्रीम कोर्ट के आज के आदेश का सबसे अहम मतलब यह है कि CEC ज्ञानेश कुमार फिलहाल अपने पद पर बने रहेंगे। कोर्ट ने उनके निलंबन का कोई आदेश नहीं दिया है। SIR को भी अभी रद्द या स्थगित नहीं किया गया है।

हालांकि याचिका पर नोटिस जारी होने के कारण मामला यहीं खत्म नहीं हुआ है। अब केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों के जवाब आने के बाद आगे सुनवाई होगी।

कोर्ट ने यह भी साफ किया कि अगर रिकॉर्ड की जांच के बाद कोई फैसला कानून के खिलाफ पाया जाता है तो उसे बाद में रद्द किया जा सकता है। ऐसे में अब इस मामले की अगली सुनवाई और चुनाव आयोग की ओर से दाखिल होने वाला जवाब काफी अहम रहेगा।

RELATED ARTICLES

ई-पेपर

4 October to 10 October 2026
27 SEPTEMBER TO 3 OCTOBER 2026

शासकीय निविदाएं

विज्ञापन