भोपाल: मध्य प्रदेश में 23 सितंबर 2026,(बुधवार) को व्यापारियों ने ‘नो-UPI डे’ के जरिए सांकेतिक विरोध का ऐलान किया है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल मध्य प्रदेश के आह्वान पर भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में व्यापारी ₹2,000 से अधिक का UPI भुगतान नहीं लेने की बात कह रहे हैं।
व्यापार मंडल के मुताबिक, इस अभियान में किसी भी व्यापारी पर शामिल होने का दबाव नहीं रहेगा। भोपाल में कई व्यापारी अपने UPI स्कैनर को काले कपड़े से ढककर विरोध दर्ज कराएंगे।
इंदौर में व्यापारियों ने किया प्रदर्शन
इससे पहले 21 सितंबर 2026,(मंगलवार) रात इंदौर के रीगल स्क्वायर पर टाइल्स एंड सेनेटरी वेयर व्यापारी एसोसिएशन के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। इसमें 150 से ज्यादा व्यापारियों के शामिल होने का दावा किया गया। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने UPI पर प्रस्तावित शुल्क के विरोध में नारे लगाए।
व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल पेमेंट पर अतिरिक्त शुल्क लागू होने से खासकर थोक कारोबारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
₹2,000 से ज्यादा के भुगतान को लेकर विरोध
व्यापार मंडल के प्रदेश महासचिव अनुपम अग्रवाल के मुताबिक, ₹2,000 से अधिक के merchant transactions पर MDR लगने की स्थिति में व्यापारियों का खर्च बढ़ेगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि थोक किराना और तेल जैसे कारोबार में बड़ी संख्या में बिल ₹2,000 से ऊपर होते हैं।
व्यापारियों का दावा है कि प्रस्तावित व्यवस्था में बड़े लेन-देन पर अधिकतम ₹300 तक का शुल्क लग सकता है। उनका कहना है कि दिनभर में ऐसे कई transactions होने पर कुल लागत काफी बढ़ सकती है।
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पेट्रोल पंप डीलर्स भी विरोध में
मध्य प्रदेश में पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने भी इस मुद्दे पर व्यापारियों के विरोध का समर्थन किया है। एसोसिएशन के मुताबिक, प्रदेश के करीब 4,700 पेट्रोल पंप इस फैसले से प्रभावित हो सकते हैं। डीलर्स ने 16 अक्टूबर से ₹2,000 से अधिक के बिल पर UPI भुगतान स्वीकार नहीं करने की बात कही है।
व्यापारियों का कहना है कि वे डिजिटल पेमेंट के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन UPI transactions पर अतिरिक्त लागत का विरोध कर रहे हैं। फिलहाल नो-UPI डे को सांकेतिक विरोध के रूप में आयोजित किया जा रहा है।

