ओडिशा: ओडिशा के दक्षिणी हिस्सों में खराब मौसम ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। चक्रवात अर्नब के असर से लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आई हैं। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक तीन लोगों की मौत की खबर है।
लगातार बारिश के चलते तीन जिलों में हालात ज्यादा बिगड़े हैं। कई स्थानों पर मिट्टी और चट्टानें खिसकने से रास्ते प्रभावित हुए हैं। करीब एक दर्जन भूस्खलन की घटनाओं की जानकारी सामने आई है। निचले इलाकों में पानी भरने से स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कैसे हुआ हादसा?
चक्रवात अर्नब के असर से हुई मूसलाधार बारिश ने दक्षिणी जिलों में भारी तबाही मचाई, लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं, कंधमाल जिले के रायकिया ब्लॉक के डांगेसी गांव में शुक्रवार सुबह पहाड़ी का एक हिस्सा टूटकर एक घर पर गिर गया। मलबे में दबने से अच्युत प्रधान (30), उनकी पत्नी अनीशा प्रधान (25) और उनके नौ महीने के बेटे की मौके पर ही मौत हो गई।
450 लोगों को सुरक्षित निकाला
हादसे के बाद दमकल विभाग और ODRAF की टीम ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान चलाया। इस दौरान दो लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला गया। जिला प्रशासन के मुताबिक, प्रभावित इलाके से करीब 450 लोगों को निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। कुछ ग्रामीणों के लापता होने की आशंका भी है।
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तीन जिलों में बाढ़ जैसे हालात
चक्रवात अर्नब से गंजाम, गजपति और कंधमाल जिले बुरी तरह प्रभावित हैं। गंजाम में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर है। कई गांवों में पानी भर गया है, सड़क और पुलों को नुकसान पहुंचा है और कई इलाकों का संपर्क कट गया है।राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों तक भोजन पहुंचाने के लिए नौसेना और तटरक्षक बल के हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। NDRF, ODRAF और दमकल की टीमें अभियान में जुटी हैं।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव गतिविधियां तेज कर दी हैं। जलस्तर पर नजर रखी जा रही है और संवेदनशील इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश के कारण बचाव दलों के सामने भी चुनौतियां बनी हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

