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रांची में भर्ती घोटालों के खिलाफ उबाल: 10 छात्र भूख हड़ताल पर, सोनम वांगचुक की अपील पर छात्र ने पिया पानी

रांची: झारखण्ड की राजधानी रांची में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। राजधानी के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 12 दिनों से चल रहे धरने ने अब भूख हड़ताल का रूप ले लिया है। 10 से अधिक छात्र अनशन पर बैठे हैं और अपनी मांगों को लेकर सरकार से ठोस कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

बता दें इन प्रदर्शनकारियों में छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने 2 अगस्त से अन्न और पानी दोनों का त्याग कर दिया था। बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के जरिए उनसे बातचीत की और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील की। उनकी अपील के बाद देवेंद्र ने पानी पी लिया, लेकिन स्पष्ट किया कि उनका अनशन तब तक जारी रहेगा, जब तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता। छात्रों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो 7 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव किया जाएगा।

जानकारी अनुसार, आंदोलन की शुरुआत 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद हुई। कई अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। कट-ऑफ सार्वजनिक नहीं होने, सोशल मीडिया पर वायरल हुई कथित OMR शीट और परिणामों पर अधिकारियों के हस्ताक्षर न होने जैसे मुद्दों ने विवाद को और बढ़ा दिया। बढ़ते विरोध के बीच आयोग ने मुख्य परीक्षा स्थगित कर दी।

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प्रदर्शनकारी छात्रों ने मांग करते हुए कहा कि 14वीं JPSC परीक्षा की CBI और ED से निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही भर्ती मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाए ताकि समयबद्ध कार्रवाई हो सके। छात्र TDPL से आयोजित सभी परीक्षाओं की समीक्षा, कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने और भविष्य की परीक्षाएं किसी विश्वसनीय एजेंसी जैसे TCS के माध्यम से कराने की मांग भी कर रहे हैं।

इसके अलावा, छात्रों का कहना है कि JPSC और JSSC में भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे अधिकारियों को हटाकर पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आंदोलन के दौरान अनशन पर बैठे कुछ छात्रों की तबीयत भी बिगड़ी है। देवेंद्रनाथ महतो का ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल गिरने के बाद मेडिकल टीम ने उन्हें प्राथमिक उपचार और स्लाइन दी। अब सभी की नजर सरकार की अगली प्रतिक्रिया और 7 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव पर टिकी है।

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