नई दिल्ली: दिल्ली में बैंकिंग व्यवस्था और साइबर ठगी से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां दिहाड़ी मजदूरों को लोन दिलाने का झांसा देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज जुटाए गए। आरोप है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल मजदूरों की जानकारी के बिना बैंक खाते खोलने में किया गया। पुलिस जांच में अब तक 37 संदिग्ध बैंक खातों का पता चला है, जिनका संबंध देशभर में दर्ज 99 साइबर अपराध शिकायतों से बताया जा रहा है। इन खातों के जरिए करीब 7.3 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन की जांच की जा रही है।
मामले में बैंक अधिकारियों की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस ने अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बैंक शाखा के मैनेजर की तलाश जारी है।
लोन दिलाने के बहाने जुटाए मजदूरों के दस्तावेज
आरोपी मयंक कपूर दिहाड़ी मजदूरों को लोन का झांसा देकर आधार, पैन और फोटो लेता था।बाद में इन्हीं दस्तावेजों से उनके नाम पर बैंक खाते खोल दिए गए, कई मजदूरों को इसकी जानकारी तक नहीं थी।त्रि नगर शाखा के खातों की जांच में कई खाताधारक बैंक आए ही नहीं और पते भी गलत मिले।
जांच में मिले 60 पैन और 63 आधार कार्ड
पुलिस ने छापे में 60 पैन कार्ड, 63 आधार कार्ड, 11 सिम, 7 डेबिट कार्ड, 7 चेकबुक और 55 फोटो बरामद किए हैं।इसके अलावा 7 मोबाइल, एक लैपटॉप, 60 हजार कैश और 150 ग्राम सोना भी मिला है। पुलिस अब जांच कर रही है कि कितने लोगों की पहचान का गलत इस्तेमाल हुआ और पैसा कहां गया।
बैंक मैनेजर पर फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप
इस मामले में बैंक अधिकारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं।पुलिस के मुताबिक, सरस्वती विहार शाखा के मैनेजर शोभित अग्रवाल पर बिना खाताधारक के खाते खुलवाने और फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप है।उन पर मयंक कपूर को त्रि नगर शाखा के मैनेजर से मिलवाने का भी आरोप है। पुलिस त्रि नगर मैनेजर की तलाश कर रही है।
37 खातों का 99 साइबर शिकायतों से संबंध
जांच में मिले 37 संदिग्ध खातों का लिंक देशभर की 99 साइबर ठगी शिकायतों से जुड़ा है। आशंका है कि इनसे ठगी की रकम इधर-उधर भेजी गई।पुलिस को 17 और संदिग्ध खाते भी मिले हैं। शक है कि रकम का हिस्सा बैंक अधिकारियों को जाता था और बाकी को USDT में बदला जाता था।
छह आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
पुलिस ने मोबाइल नंबर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले सुरागों के आधार पर मयंक कपूर को बाबा हरिदास नगर इलाके से गिरफ्तार किया। मामले में शोभित अग्रवाल सहित कुल छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं और मजदूरों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कितने बैंक खाते खोलने में किया गया।
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दस्तावेज देते समय सावधानी जरूरी
यह मामला उन लोगों के लिए चेतावनी है जो लोन के नाम पर अनजान लोगों को दस्तावेज दे देते हैं।आधार-पैन देते समय उस पर उद्देश्य और तारीख लिखें और सिर्फ अधिकृत बैंक को ही दें।दिल्ली पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

