नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ‘सेवा संकल्प यात्रा’ से जुड़े युवाओं से संवाद किया। वडनगर से वाराणसी तक निकाली जा रही इस यात्रा को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं को देश को जमीन पर समझने, अलग-अलग क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों से मिलने और उनकी आकांक्षाओं को जानने का मौका मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने युवाओं को सेवा का संदेश देते हुए कहा कि काम ऐसा होना चाहिए कि वह खुद बोले। सेवा केवल उपदेश देने से नहीं, बल्कि अपने आचरण से दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्ता या अधिकार कितना भी बड़ा क्यों न हो, रास्ता हमेशा सेवा का रहना चाहिए।
वडनगर जन्मभूमि, वाराणसी कर्मभूमि
यात्रा में शामिल युवाओं से बातचीत के दौरान मोदी ने वडनगर और वाराणसी से अपने जुड़ाव का भी जिक्र किया। उन्होंने वडनगर को अपनी जन्मभूमि और वाराणसी को कर्मभूमि बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों ही शहर ऐतिहासिक और प्राचीन हैं। यात्रा में शामिल युवाओं के अनुभव सुनकर उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है, जैसे वे खुद भी उनके साथ यात्रा कर रहे हों।
युवाओं को देश को करीब से समझने का मौका
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं का भारत को जमीन पर जानना और समझना जरूरी है। अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर लोगों से मिलने से उनकी जरूरतों, सपनों और आकांक्षाओं को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है।
मोदी पहले भी युवा कार्यक्रमों में देश को केवल डिजिटल माध्यम से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर जाकर समझने पर जोर देते रहे हैं।
पौधे बचाने के लिए बताया आसान तरीका
संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी युवाओं को एक तरीका बताया। उन्होंने पौधा लगाने के बाद उसके पास पानी से भरा मिट्टी का घड़ा रखने की सलाह दी, जिससे पौधे को धीरे-धीरे पानी मिलता रहे और पानी की बचत भी हो सके।
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2047 के विकसित भारत में युवाओं की अहम भूमिका
प्रधानमंत्री ने युवाओं को 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी विकसित भारत की निर्माता भी होगी और भविष्य में इसका लाभ भी उसे मिलेगा। सरकार के दूसरे युवा कार्यक्रमों में भी प्रधानमंत्री युवाशक्ति को विकसित भारत की यात्रा का प्रमुख हिस्सा बताते रहे हैं।
सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से शुरू हुआ है। इसे प्रधानमंत्री मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने से जोड़कर आयोजित किया जा रहा है।

