नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ करते हुए ड्रग्स को केवल सामाजिक समस्या नहीं, बल्कि भारत के खिलाफ रची जा रही एक गंभीर साजिश बताया। उन्होंने कहा कि कुछ दुश्मन ताकतें भारतीय युवाओं को नशे की लत में धकेलकर देश की ऊर्जा और भविष्य को कमजोर करना चाहती हैं। ऐसे प्रयासों को समाज और सरकार को मिलकर विफल करना होगा।
विकसित भारत का सपना, नशा मुक्त युवा के बिना अधूरा
बता दें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देशभर के युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य तभी हासिल होगा, जब देश का युवा शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से मजबूत रहेगा। उन्होंने युवाओं से इस अभियान का नेतृत्व करने और समाज में जागरूकता फैलाने की अपील की।
हर रविवार चलेगा जागरूकता अभियान
प्रधानमंत्री ने बताया कि अगले 100 सप्ताह तक हर रविवार देशभर में कला, संस्कृति, खेल, संवाद और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया जाएगा और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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PM मोदी की बड़ी बातें-
● ड्रग्स सिर्फ व्यक्ति नहीं, पूरे परिवार को तोड़ देता है
प्रधानमंत्री ने कहा कि नशा युवाओं के सपनों, करियर और परिवार की उम्मीदों को खत्म कर देता है। एक व्यक्ति की लत पूरे परिवार की खुशियों पर असर डालती है।
● ड्रग्स के जरिए युवाओं को निशाना बनाया जा रहा
उन्होंने कहा कि नशा देश की कार्यक्षमता और मानव संसाधन को कमजोर करता है। इसलिए ड्रग्स नेटवर्क पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।
● कुछ पल का नशा, जिंदगीभर की कीमत
PM मोदी ने कहा कि ड्रग्स थोड़े समय का नशा देता है, लेकिन इसका नुकसान जीवनभर साथ रहता है। भारतीय संतों और आध्यात्मिक परंपरा ने भी हमेशा नशे से दूर रहने का संदेश दिया है।
● नशे से बाहर निकले लोगों को मिले नया अवसर
प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग नशे की लत छोड़कर नई शुरुआत करते हैं, वे समाज के लिए प्रेरणा हैं। ऐसे लोगों को दूसरा मौका मिलना चाहिए।
● ड्रग्स माफिया पर जीरो टॉलरेंस
उन्होंने कहा कि सरकार ने नशे के कारोबारियों और तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कई गुना तेज की है। बड़ी मात्रा में ड्रग्स जब्त किए जा रहे हैं और नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है।
1 करोड़ से ज्यादा युवाओं ने लिया संकल्प
जानकारी के अनुसार, अभियान के शुभारंभ पर देशभर के 28 हजार से अधिक स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां 1 करोड़ से ज्यादा युवाओं ने एक साथ ‘नशा मुक्त भारत’ का संकल्प लिया।
इस राष्ट्रीय अभियान में 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठनों के साथ-साथ स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, उद्योग संगठन और सामाजिक संस्थाएं भी जुड़ी हैं। कार्यक्रम में कई आध्यात्मिक गुरुओं, राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों ने भी वर्चुअली भाग लिया।
सरकार का उद्देश्य इस अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखकर जनभागीदारी आधारित राष्ट्रीय आंदोलन बनाना है, ताकि हर वर्ग नशे के खिलाफ जागरूक होकर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सके।

