आंध्र प्रदेश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे करीब 18,000 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं में इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी, पेट्रोलियम और सड़क परिवहन से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
अमरावती में नए एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन
प्रधानमंत्री सुबह 10:45 बजे दिल्ली से अमरावती पहुंचेंगे। इसके बाद 10:58 बजे वे नए एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे। इस टर्मिनल की डिजाइन आंध्र प्रदेश की पारंपरिक चुट्टिलू शैली से प्रेरित है, जो गोलाकार घरों की वास्तुकला पर आधारित है।
इसके बाद पीएम विजयनगरम जिले के भोगापुरम स्थित अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। करीब 5,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट क्षेत्र में पर्यटन, निवेश, उद्योग और रक्षा क्षेत्र को नई गति देने वाला माना जा रहा है।
ढिमसा नृत्य से होगा स्वागत
एयरपोर्ट का निरीक्षण करने के बाद प्रधानमंत्री खुली गाड़ी में जनसभा स्थल तक जाएंगे। इस दौरान 13,500 से अधिक आदिवासी महिलाएं और छात्र-छात्राएं पारंपरिक ढिमसा नृत्य प्रस्तुत कर उनका स्वागत करेंगे।
मैसूर में विवेक स्मारक का उद्घाटन
दोपहर 3:30 बजे प्रधानमंत्री कर्नाटक के मैसूर पहुंचेंगे, जहां वे श्री रामकृष्ण आश्रम में बने स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र (विवेक स्मारक) का उद्घाटन करेंगे। यह स्मारक स्वामी विवेकानंद की 1892 की मैसूर यात्रा की स्मृति में बनाया गया है।
करीब 81,000 वर्ग फुट में फैले इस परिसर में 4-डी अनुभव केंद्र, प्रदर्शनी हॉल, 700 सीटों वाला एम्फीथिएटर, लाइब्रेरी, ध्यान एवं योग हॉल, क्लासरूम, कॉन्फ्रेंस रूम और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
जानिए क्या है चुट्टिलू और ढिमसा
चुट्टिलू आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों की पारंपरिक गोलाकार झोपड़ी या घर है। इसकी गोल आकृति तेज हवाओं और चक्रवाती तूफानों के प्रभाव को कम करने में मदद करती है। वहीं ढिमसा आंध्र प्रदेश की अराकू घाटी और आसपास के आदिवासी समुदायों का प्रसिद्ध लोकनृत्य है। इसे फसल कटाई, विवाह, धार्मिक उत्सव और सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा दक्षिण भारत में आधारभूत ढांचे, कनेक्टिविटी, सांस्कृतिक विरासत और औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

