महाराष्ट्र में राजनीतिक करवट, चाचा-भतीजे हुए एकजुट साथ में लड़ेंगे नगरीय महानगरपालिका का चुनाव

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मुम्बई। कहा जाता है कि राजनीति में कोई स्थाई दोश्त और कोई भी दुश्मन नहीं होता है, राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के आगे संबंधों को पीछे छोड़ना ही पड़ता है। महाराष्ट्र की हालिया राजनीति को देखकर तो यही कहा जा सकता है। दरअसल महानगरपालिका चुनाव में शरद पवार और अजीत पवार सारे गिले-शिकवों को भुलाकर एक साथ चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
महाराष्ट्र के निकाय चुनाव को लेकर पूरे महाराष्ट्र में इस समय सियासी पारा गर्म है। नित नए-नए राजनीतिक समीकरण बन और बिगड़ रहे हैं। हालांकि विधानसभा चुनाव से पूर्व अपनी-अपनी महत्वाकांक्षाओं को लेकर अलग हुए परिवार अब एक साथ आते दिखाई दे रहे हैं। जहां ठाकरे भाइयों ने एक साथ चुनाव लड़ने का ऐलान किया। वहीं अब पवार परिवार भी एक साथ चुनाव लड़ेगा। फण्नवीस सरकार में डिप्टी सीएम अजित पवार ने पिंपरी-चिंचवड में अपने चाचा शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी एस से गठबंधन करने की बात कही है। दोनों चाचा-भतीजों के लंबे समय बाद एक साथ आ रहे हैं।
महाराष्ट्र में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए अजित पवार ने कहा, “पिंपरी चिंचवड नगर निगम चुनावों में ‘घड़ी’ और ‘तुरहा’ एक हो गए हैं। परिवार’ एक साथ आ गया है, अजित पवार और शरद पवार दो साल पहले अलग हो गए थे। इसके बाद अजित को महाराष्ट्र सरकार में डिप्टी सीएम बनाया गया था।
एनडीए में शमिल होंगे शरद पवार?
पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम, जिसे बृहन्मुंबई नगर निगम के बाद सबसे अमीर नगर निगमों में से एक माना जाता है। साल 2017 से शरद पवार की अविभाजित एनसीपी के पास रहा है। कई राजनीतिक नेताओं ने पवार परिवार के फिर से एक होने पर प्रतिक्रिया दी, कुछ ने उम्मीद जताई कि शरद पवार जल्द ही छक्। गठबंधन में शामिल होंगे। हालांकि कुछ नेताओं ने इसे अच्छा संकेत बताया है।