भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार जनवरी से ही उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में जुटी है। महापर्व के आयोजन को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए अधोसंरचना से लेकर प्रशासनिक व्यवस्थाओं तक लगातार काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में अब राज्य सरकार ने सिंहस्थ मेला प्राधिकरण का गठन कर तैयारियों को संस्थागत रूप दे दिया है।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने बुधवार को इसका आदेश जारी किया। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य और उज्जैन विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल को प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
ये भी पढ़े
सरकार ने यह गठन मध्य भारत सिंहस्थ मेला अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत किया है। प्राधिकरण के गठन से सिंहस्थ से जुड़े विभिन्न कार्यों और विभागों के बीच समन्वय को गति मिलने की उम्मीद है।
12 साल में एक बार होता है सिंहस्थ
उज्जैन में सिंहस्थ महापर्व का आयोजन प्रत्येक 12 वर्ष के अंतराल पर होता है। वर्ष 2028 के आयोजन को लेकर सरकार पहले से ही सड़क, बिजली, पानी, स्वच्छता, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं की तैयारियों पर काम कर रही है।

प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां जारी
वर्तमान में उज्जैन संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह के नेतृत्व में स्थानीय प्रशासन तैयारियों और समन्वय बैठकों को आगे बढ़ा रहा है। विभिन्न विभागों के साथ बैठक कर आयोजन से जुड़ी जरूरतों और कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है।
प्राधिकरण के गठन से काम में आएगी तेजी
जगदीश अग्रवाल की अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के बाद सिंहस्थ की तैयारियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। प्राधिकरण शासन, प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए अधोसंरचना और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाएगा।

