भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए ’ग्लोबल विजन’ अपना रही है, जिसके तहत पहली कृषि कैबिनेट और किसानों का ब्राजील दौरा प्रस्तावित है। वहीं, बैतूल पुलिस और हिंदू संगठनों ने मुस्तैदी दिखाते हुए गोवंश तस्करी की एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया है।
मध्यप्रदेश की कृषि नीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मार्च 2026 में राज्य की पहली ’कृषि कैबिनेट’ का आयोजन खरगोन या खंडवा में किया जाएगा। मुख्यमंत्री की इस पहल का उद्देश्य कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण विभागों को एक मंच पर लाकर किसानों की आय दोगुनी करना है। इसी कड़ी में, राज्य के चयनित किसानों को प्रशिक्षण के लिए ब्राजील भेजा जाएगा, ताकि वे आधुनिक डेयरी तकनीक और पशुपालन के अंतरराष्ट्रीय गुर सीख सकें।
इसी बीच, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन में तीन दिवसीय ’किसान महाकुंभ’ की घोषणा की है, जो तकनीकी प्रशिक्षण का बड़ा केंद्र बनेगा। सरकार का लक्ष्य है कि तकनीक के माध्यम से खेती को लाभ का धंधा बनाया जाए।
दूसरी ओर, कानून व्यवस्था के मोर्चे पर बैतूल में एक सनसनीखेज मामला सामने आया। छिंदवाड़ा से महाराष्ट्र की ओर अवैध रूप से ले जाए जा रहे 14 गोवंशों को हिंदू संगठनों और पुलिस ने 70 किलोमीटर तक पीछा कर बचाया। तस्कर पिकअप वाहन छोड़कर जंगल में फरार हो गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश तेज कर दी है और सीमावर्ती क्षेत्रों में चौकसी बढ़ा दी है।
एमपी में पहली कृषि कैबिनेट की तैयारी, ब्राजील जाएंगे किसान; बैतूल में गोवंश तस्करी नाकाम


