भोपाल: मध्यप्रदेश के बालाघाट में बैगा आदिवासी बच्चों की मौतों के बीच राहुल गांधी 1 अक्टूबर को बालाघाट आएंगे। वे बैहर और बिरसा के प्रभावित आदिवासी इलाकों में जाकर मृत बच्चों के परिवारों से मुलाकात करेंगे। बालाघाट में सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 32 बच्चों की मौत हो चुकी है।
13 दिन में राहुल गांधी का दूसरा दौरा
राहुल गांधी का 13 दिन में मध्यप्रदेश में यह दूसरा दौरा होगा। इससे पहले वे 19 सितंबर को इंदौर आए थे। यहां उन्होंने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। कार्यक्रम से पहले उन्होंने लिखा था- 30 से ज्यादा आदिवासी बच्चों की बीमारी, कुपोषण मौतें हो रही हैं, लेकिन कार्रवाई सुस्त रही। सरकार सोती रही।
राहुल गांधी ने कहा था- मुख्यमंत्री जी, दीये जलाने और उत्सव मनाने से फुर्सत मिल गई हो तो जरा राज्य की जमीनी हालत भी देखिए। बीमारी, पोषण और साफ पानी की कमी है। चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण छोटे बच्चों की जान जा रही है।
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जमीनी हालात समझेंगे राहुल गांधी
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- राहुल गांधी मृत बच्चों के परिवारों से मिलकर जमीनी हालात समझेंगे। उनसे जानेंगे कि सरकारी योजनाओं का लाभ आदिवासी परिवारों तक क्यों नहीं पहुंचा। बच्चों को पोषण, दलिया, मच्छरदानी और टीकाकरण जैसी जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पाईं।
वहीं, मृत बच्चों के परिवारों को आर्थिक मदद देने पर सिंघार ने कहा कि सिर्फ सहायता देना काफी नहीं है। सरकार की जिम्मेदारी है कि उसकी योजनाएं हर जरूरतमंद तक पहुंचें। स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी तय नहीं की गई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चुप्पी साध ली।

