नई दिल्ली। राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम को मिली जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। गुरुवार को मेघालय सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मामले का मेंशन करते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। अब इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को होगी।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि आरोपी महिला अपने पति राजा रघुवंशी को मेघालय ले गई थी, जहां उसने तीन अन्य आरोपियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी और शव को फेंक दिया। उन्होंने कहा कि आरोपी की जमानत पहले दो बार इस आधार पर खारिज हो चुकी थी कि उसके फरार होने की आशंका है।
मेहता ने दलील दी कि बाद में केवल गिरफ्तारी के आधार (Grounds of Arrest) में एक धारा से जुड़ी टाइपिंग की तकनीकी त्रुटि के कारण जमानत दे दी गई। उन्होंने कहा कि इतने गंभीर मामले में महज तकनीकी गलती के आधार पर राहत देना उचित नहीं है और इससे आरोपी के फरार होने का खतरा है।
साथही सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि मौजूदा आदेश के अनुसार क्या आरोपी को रिहा करना होगा। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि आदेश का पालन किया जाएगा, लेकिन रिहाई पर कड़ी शर्तें लगाई जा सकती हैं।
वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने का निर्णय लिया है। अब सभी की नजरें अदालत के अगले आदेश पर टिकी हैं।

