भोपाल: उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जबलपुर संभाग के जबलपुर, मंडला और नरसिंहपुर जिलों में पदस्थ बंधपत्र चिकित्सकों से संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की।
शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और गुणवत्ता में सुधार सरकार की प्राथमिकता है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में बंधपत्र चिकित्सकों की अहम भूमिका है। उन्होंने चिकित्सकों से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, एनीमिया नियंत्रण, सिकल सेल रोग की पहचान एवं प्रबंधन और गैर संचारी रोगों से जुड़े कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समन्वित प्रयास करने को कहा।
उन्होंने बंधपत्र चिकित्सकों की पदस्थापना, ज्वाइनिंग और कार्य परिस्थितियों की जानकारी ली। संबंधित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि चिकित्सकों के रहने, भोजन, पेयजल, बिजली सहित आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सकारात्मक और सहयोगपूर्ण कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जाए। समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए। खंड चिकित्सा अधिकारियों को अपने क्षेत्र में पदस्थ चिकित्सकों की सुविधाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
मंडला जिले की समीक्षा में सीएमएचओ डी.जे. मोहंती ने बताया कि जिले में कुल 67 बंधपत्र चिकित्सक पदस्थ किए गए हैं, जिनमें से 50 ज्वाइन कर सेवाएं दे रहे हैं। शुक्ल ने बीजाडांडी विकासखंड के ग्राम जमथर में पदस्थ चिकित्सक आशीष पारस से संवाद कर कार्यस्थिति जानी और निर्देश दिया कि चिकित्सक प्रतिदिन सुबह 9 बजे ओपीडी में उपस्थित रहें ताकि ग्रामीण मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
जबलपुर के मझगवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ चिकित्सक अंजू मरावी से कार्यक्षेत्र की समस्याओं, ओपीडी समय, टेलीमेडिसिन सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता और मानव संसाधनों की स्थिति की जानकारी ली।
शुक्ल ने कहा कि बेहतर कार्यपरिस्थितियां उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। स्वास्थ्य संस्थाओं में चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति रहे और स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जबलपुर कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा, सीएमएचओ नवीन कोठारी, नोडल पंकज ग्रोवर सहित तीनों जिलों के बीएमओ और जिला कार्यक्रम प्रबंधक उपस्थित रहे।

