नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नए वित्त वर्ष की दूसरी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने का फैसला किया है। इससे फिलहाल होम लोन, ऑटो लोन और अन्य कर्जों की EMI पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ेगा। हालांकि केंद्रीय बैंक ने आने वाले समय में महंगाई बढ़ने की आशंका जताते हुए वर्ष 2027 के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान 4.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत कर दिया है।
महंगाई पर RBI की नजर
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए महंगाई पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। केंद्रीय बैंक का फोकस आर्थिक विकास और मूल्य स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखने पर रहेगा।
GDP ग्रोथ ने उम्मीदों को किया पार
जानकारी अनुसार, देश की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन किया है। पूरे साल GDP ग्रोथ 7.7 प्रतिशत दर्ज की गई, जो सरकार के 7.6 प्रतिशत के अनुमान से अधिक है। मजबूत उपभोग, निवेश और सेवा क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन ने आर्थिक विकास को गति दी है।
सोना-चांदी में बड़ी गिरावट
वहीं वैश्विक बाजारों के दबाव के बीच सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। एक दिन में सोना ₹1,848 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹4,180 प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई। इससे निवेशकों और खरीदारों को राहत मिली है।
निवेशकों और आम लोगों के लिए क्या मायने?
बता दें रेपो रेट स्थिर रहने से लोन की EMI में तत्काल कोई बदलाव नहीं होगा। वहीं सोना-चांदी की कीमतों में आई गिरावट खरीदारी के लिए बेहतर अवसर मानी जा रही है। हालांकि महंगाई के बढ़ते अनुमान से आने वाले समय में घरेलू बजट पर दबाव बढ़ सकता है।

