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गुजरात में चांदीपुरा वायरस का बढ़ा खतरा: एक महीने में 12 बच्चों की मौत

अहमदाबाद: गुजरात में चांदीपुरा वायरस को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले एक महीने के भीतर राज्य में 12 बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें से 3 बच्चों में चांदीपुरा वायरस संक्रमण की आधिकारिक पुष्टि हुई है, जबकि अन्य 9 बच्चों की मौत की वजह भी इसी वायरस को माना जा रहा है। उनके सैंपलों की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। राज्य सरकार ने हालात को गंभीर मानते हुए प्रभावित जिलों में मेडिकल टीमों की तैनाती बढ़ा दी है और बड़े स्तर पर सर्वे, दवा छिड़काव और निगरानी अभियान शुरू कर दिया है।

इन जिलों में मिले संक्रमण के मामले

जानकारी अनुसार, अब तक गांधीनगर, साबरकांठा, खेड़ा, अरावली, पंचमहल, महिसागर और गोधरा सहित कई जिलों में चांदीपुरा वायरस के संदिग्ध और पुष्ट मामले सामने आए हैं। सबसे अधिक चिंता उत्तर और मध्य गुजरात के इलाकों को लेकर जताई जा रही है।

3 मौतों की पुष्टि

बता दें गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने बताया कि अब तक तीन बच्चों की मौत चांदीपुरा वायरस के कारण हुई है। इनमें दो बच्चे गोधरा के और एक बच्चा राजस्थान का था, जिसकी मौत हिम्मतनगर में इलाज के दौरान हुई। उन्होंने कहा कि संक्रमित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और किसी भी संभावित संक्रमण को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

27 संदिग्ध मरीजों की जांच, 7 पॉजिटिव

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक 27 संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे।

  • 19 सैंपलों की जांच पूरी हो चुकी है।
  • इनमें से 7 बच्चों में वायरस की पुष्टि हुई।
  • संक्रमित 7 बच्चों में से 3 की मौत हो चुकी है।
  • 4 बच्चों का अस्पताल में इलाज जारी है।
  • बाकी 8 सैंपलों की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।

हिम्मतनगर सिविल अस्पताल में अब तक 9 मामले सामने आए हैं। जिसमें से 6 बच्चों की मौत हो चुकी है और 1 बच्चा स्वस्थ होकर घर लौटा है। साथ ही 2 बच्चों का इलाज जारी है। वहीं गोधरा सिविल अस्पताल में भी कई बच्चों का इलाज चल रहा है। पंचमहल जिले में अब तक 13 संदिग्ध मामले दर्ज किए गए हैं।

क्या है चांदीपुरा वायरस?

चांदीपुरा वायरस एक दुर्लभ लेकिन बेहद खतरनाक वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से सैंडफ्लाई (Sand Fly) नामक छोटी मक्खी के काटने से फैलता है। यह वायरस सबसे ज्यादा 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है और कई मामलों में संक्रमण तेजी से मस्तिष्क तक पहुंच जाता है।

चांदीपुरा वायरस के प्रमुख लक्षण

  • तेज बुखार
  • लगातार उल्टी
  • सिरदर्द
  • शरीर में ऐंठन
  • दौरे (Seizures)
  • बेहोशी
  • मानसिक भ्रम
  • कुछ घंटों में स्थिति गंभीर होना

विशेषज्ञों के अनुसार लक्षण दिखाई देने के 24 से 48 घंटे के भीतर मरीज की हालत बेहद गंभीर हो सकती है।

फिलहाल चांदीपुरा वायरस की कोई स्वीकृत वैक्सीन या विशेष एंटीवायरल दवा उपलब्ध नहीं है। डॉक्टर केवल मरीज को सपोर्टिव ट्रीटमेंट देते हैं, जिसमें—

  • आईसीयू देखभाल
  • ऑक्सीजन सपोर्ट
  • बुखार नियंत्रित करना
  • दौरे रोकने की दवा
  • शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखना

समय पर इलाज मिलने से मरीज की जान बचने की संभावना बढ़ जाती है।

सरकार ने शुरू किया बड़ा सर्वे अभियान

संक्रमण को रोकने के लिए राज्य सरकार ने 61 प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सर्वेक्षण और कीटनाशक छिड़काव के आदेश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर बच्चों की जांच कर रही हैं और लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।

लोगों से अफवाहों से बचने की अपील

वहीं स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं से दूर रहने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि केवल सरकारी स्वास्थ्य एजेंसियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का ही पालन करें और किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें।

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