शहडोल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को शहडोल में 462 करोड़ रुपये के 134 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने क्षेत्र में स्टील फैक्ट्री खुलने से चार हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना जताई। साथ ही जंगली हाथियों से प्रभावित परिवारों को पक्के मकान, शहर में इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, गीता भवन और निजी सहभागिता से विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा की। इस दौरान तेंदूपत्ता संग्रहण वर्ष 2024 के 9 लाख 77 हजार 696 पात्र संग्राहकों को 22.89 करोड़ रुपये से अधिक का बोनस वितरित किया गया।
स्टील फैक्ट्री, विश्वविद्यालय और खेल परिसर बनेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहडोल में प्रस्तावित स्टील फैक्ट्री से चार हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। शहर में आधुनिक सुविधाओं वाला इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और गीता भवन बनाया जाएगा। निजी निवेश से विश्वविद्यालय खोलने की भी घोषणा की गई।
शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय से जुड़े महाविद्यालय में सहशिक्षा की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, जयसिंहनगर विधानसभा क्षेत्र के गोहपारू में शहडोल-रीवा मुख्य मार्ग से महाविद्यालय और औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र तक सड़क बनाई जाएगी। उमरिया जिले में भी एक जर्जर आवागमन मार्ग के स्थान पर नई सड़क बनाने की घोषणा की गई।
हाथियों से प्रभावित परिवारों को मिलेंगे पक्के मकान
मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगली हाथियों के हमले में जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें वन विभाग पक्के मकान बनाकर देगा। नए घरों के आसपास फेंसिंग भी कराई जाएगी।
शहडोल जिले के विचारपुर गांव में 5.10 करोड़ रुपये से खेल सुविधाओं का विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में फॉरेस्ट जू एवं रेस्क्यू सेंटर बनाने की योजना का भी उल्लेख किया।
जनजातीय विद्यार्थियों को 12 महीने छात्रवृत्ति
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पात्र जनजातीय विद्यार्थियों को अब 10 महीने के बजाय पूरे 12 महीने छात्रवृत्ति दी जाएगी। उन्होंने शहडोल में लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से 34 हाईस्कूल भवनों के निर्माण और जनजातीय कन्या छात्रावासों से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 85 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की जा चुकी है। आगामी समय में एक लाख नई भर्तियां करने की दिशा में काम किया जाएगा।
तेंदूपत्ता संग्राहकों को 22.89 करोड़ रुपये का बोनस
मुख्यमंत्री ने शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सतना और सीधी जिले के पात्र तेंदूपत्ता संग्राहकों को 22 करोड़ 89 लाख रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि वितरित की। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण वनवासी परिवारों की आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है। बोनस से ग्रामीण और वन क्षेत्रों के परिवारों को आर्थिक मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने 22.14 करोड़ रुपये की लागत से बने वन मंडलाधिकारी कार्यालय का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरित किए गए।
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किसानों और पशुपालकों के लिए भी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि धान बेचने के लिए पंजीयन नहीं करा सके किसानों के लिए पंजीयन पोर्टल दोबारा खोला गया है। उन्होंने 25 गायों के साथ डेयरी स्थापित करने की प्रस्तावित 40 लाख रुपये की परियोजना में सरकार की ओर से 10 लाख रुपये की सहायता का उल्लेख किया।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार, सांसद हिमाद्री सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

