नई दिल्ली: त्योहारी सीजन में सोने-चांदी की खरीदारी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। भारतीय सर्राफा बाजार में एक हफ्ते के दौरान दोनों कीमती धातुओं के भाव में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, 16 से 23 अक्टूबर 2026 के बीच 24 कैरेट सोना 4,796 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ, जबकि चांदी की कीमत 16,503 रुपये प्रति किलो गिर गई।
16 से 23 अक्टूबर के बीच कितने गिरे भाव?
IBJA के आंकड़ों के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को 24 कैरेट सोने का बंद भाव 1,46,426 रुपये प्रति 10 ग्राम था। 23 अक्टूबर को यह घटकर 1,41,630 रुपये रह गया। इस तरह एक हफ्ते में सोने की कीमत में 4,796 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आई।
इसी अवधि में चांदी का बंद भाव 16 अक्टूबर को 2,10,918 रुपये प्रति किलो था, जो 23 अक्टूबर को गिरकर 1,94,415 रुपये प्रति किलो रह गया। यानी एक हफ्ते में चांदी 16,503 रुपये प्रति किलो सस्ती हुई।
सितंबर में भी आई थी बड़ी गिरावट
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला सितंबर में भी जारी रहा था। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 31 अगस्त से 30 सितंबर के बीच सोने का भाव करीब 8,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव लगभग 15,000 रुपये प्रति किलो घटा था।
31 अगस्त को सोना करीब 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो 30 सितंबर तक घटकर लगभग 1.48 लाख रुपये रह गया। इसी तरह चांदी की कीमत 2.37 लाख रुपये से घटकर करीब 2.22 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गई थी।
वैश्विक परिस्थितियों का असर
सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियां अहम भूमिका निभाती हैं। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़ी नीतियां, डॉलर की मजबूती, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और निवेशकों की मांग से कीमती धातुओं के भाव प्रभावित होते हैं।
आमतौर पर ब्याज दरें बढ़ने या ऊंचे स्तर पर बने रहने से सोने की कीमतों पर दबाव पड़ सकता है, क्योंकि सोना नियमित ब्याज नहीं देता। वहीं, वैश्विक तनाव बढ़ने पर सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ सकती है। इन विपरीत कारकों के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
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क्या आगे और सस्ता होगा सोना-चांदी?
विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों और निवेशकों की मांग पर निर्भर करेगी। मौजूदा गिरावट के बाद भी यह निश्चित नहीं है कि कीमतें आगे और कम होंगी।
खरीदारी करने वालों को स्थानीय सर्राफा बाजार में ताजा भाव की जानकारी लेनी चाहिए। IBJA के भाव आम तौर पर बाजार के संदर्भ मूल्य होते हैं। आभूषण खरीदते समय मेकिंग चार्ज, लागू कर और अन्य शुल्क जुड़ने से अंतिम कीमत अलग हो सकती है।

