कर्नाटक। हुबली में एक दर्दनाक और भयानक घटना का खुलासा किया गया है। जिसमें अधिकारियों ने 13 साल की लड़की के यौन उत्पीड़न के आरोप में 14 से 15 साल की उम्र के तीन किशोर लड़कों के खिलाफ बच्चों की यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पीओसीएसओ) के तहत मामला दर्ज किया है। कर्नाटक पुलिस ने बताया कि- इन नाबालिगों ने पीड़िता को एक सप्ताह से अधिक समय तक लंबे समय तक उत्पीड़ित किया, जब उसके माता-पिता दिन के समय काम पर बाहर होते थे।
गिरफ्तारियां और जांच की जानकारी
हुबली धारवाड़ पुलिस आयुक्त एन. शशिकुमार ने पुष्टि करते हुए बताया कि- शिकायत में नाबालिग लड़की के साथ यौन शोषण और शारीरिक हिंसा शामिल है। सभी तीन नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। आयुक्त ने विस्तार से बताया कि- अपराधियों ने पिछले सात-आठ दिनों तक ये घृणित कार्य किया है। अपराधियों ने माता-पिता की दैनिक दिनचर्या का फायदा उठाते हुए यौन शोषण किया। अधिकारियों ने किशोर न्याय (देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम और पीओसीएसओ दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए आगे की जांच शुरू की है।
राजनीतिक आक्रोश और आलोचना
यह घटना विपक्षी दलों से तीखी प्रतिक्रिया बरकरार कर रही है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कर्नाटक सरकार पर तीखा हमला बोला है। साथ ही आरोप लगाया कि- वे राजनीतिक सत्ता संघर्ष को जनता की सुरक्षा से अधिक महत्व दे रहे हैं। उन्होंने हमले के दौरान बनाए गए कथित वीडियो का उल्लेख किया और इसी तरह की अन्य घटनाओं जैसे एक इजरायली पर्यटक के साथ सामूहिक बलात्कार का जिक्र किया। साथ ही भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए राज्य में भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की व्यापक समस्याओं को रेखांकित किया है। भाजपा के शहजाद पूनावाला ने प्रियंका वाड्रा की चुप्पी पर भी सवाल खड़ा किया है।


